हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने अपने स्टाफ में नियुक्त निजी सहायक (पीए) को उपहार लेने के आरोप में नौकरी से आउट कर दिया है। आरोप है कि मंत्री के पीए ने गुरुग्राम के सहायक अभियंता से उपहार लिया था। जब मंत्री डॉ. गुप्ता को इस बात का पता चला तो उन्होंने कड़ा संज्ञान लेते हुए तुरंत पीए संजीव सरोहा को नौकरी से हटा दिया। तत्पश्चात सहायक अभियंता पर भी कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को गुरुग्राम में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने झंडा फहराया। गणतंत्र दिवस समारोह के समापन पर मंत्री को जानकारी मिली कि उनके निजी सहायक संजीव सरोहा ने गुरुग्राम नगर निगम के सहायक अभियंता से खाद्य पदार्थ उपहार के तौर पर लिए थे। इस दौरान मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए तुरंत पीए को नौकरी से हटा दिया। इसके बाद उपहार देने वाले सहायक अभियंता पर भी कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया।

बता दें कि हरियाणा सरकार महंगे उपहार देने और लेने वालों के प्रति सतर्क दिखाई दे रही है। 1 जनवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए करीब 60 से अधिक कर्मचारी अब कटघरे में पहुंच चुके हैं। सरकार ने ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई करने के लिए डीएसटी को प्रत्येक डिपो और यूनिट से जीएम, ट्रैफिक प्रबंधक और कर्मचारी प्रबंधक की एक समिति द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षिरत एक प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। जिससे आचरण नियमों के उल्लंघन में कोई उपहार तो नहीं दिया गया। यह रिपोर्ट सभी डिपो द्वारा डीएसटी को सौंपी जाएगी, जो इसे सरकार तक पहुंचाने का काम करेगी।

वहीं इस मामले में पुलिस महानिदेशक की ओर से सबसे पहले संज्ञान लिया गया है। उन्होंने पंचकूला सेक्टर-6 स्थित पुलिस मुख्यालय में उपहार लेकर पहुंचने वालों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इतना ही नहीं, एसीबी, राज्य महिला आयोग, आयकर भवन, नेशनल हेल्थ मिशन सहित कई कार्यालयों में उपहार को लेकर सख्ताई का दौर शुरू हो चुका है। सरकारी कोठियों से ऐसे अतिथियों को वापस लौटाने का काम शुरू हो चुका है।

