हरियाणा-पंजाब के बीच सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) विवाद को लेकर इनेलो के विधायक अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चिट्ठी भेजी है। जिसमें उन्होंने सीएम को इस मुद्दे को सुलझाने को लेकर सर्वदलीय बैठक और विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने को कहा है। उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि इस मुद्दे को लेकर हरियाणा एक है। यह संदेश पड़ोसी राज्य को भी देना चाहिए। उन्होंने चिट्ठी में यह भी लिखा है कि एसवाईएल मुद्दे को लेकर एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल तुरंत समय लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप किए जाने को लेकर आग्रह किया जाना चाहिए।
अभय चौटाला ने सीएम को चिट्ठी में पहले पॉइंट में सर्वदलीय बैठक बुलाने की वकालत की है। उन्होंने लिखा है कि एसवाईएल को लेकर तुरंत सभी राजनीतिक दलों की एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। जिसमें इस मुद्दे को लेकर विस्तार से चर्चा की जाए। विभिन्न पहलुओं पर गौर करने के बाद इसको लेकर अहम कदम उठाए जाएं। हरियाणा के हमेशा से अहम रहने वाले एसवाईएल मुद्दे को लेकर हरियाणा को एक होने की जरूरत है। यह संदेश देने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री को विधानसभा का एक विशेष सत्र तुरंत बुलाना चाहिए। इस सत्र के जरिए पड़ोसी राज्य पंजाब और केंद्र सरकार के सामने नहर निर्माण को लेकर एक मजबूत दिया जा सके।

पंजाब सरकार के लिए तीखी टिप्पणी
अभय ने सीएम को भेजी चिट्ठी में लिखा है कि हाल ही में 4 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने नहर निर्माण नहीं कराए जाने को लेकर पंजाब सरकार के लिए तीखी टिप्पणी की है। इससे यह प्रतीत होता है कि पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि हरियाणा इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की सलाह लें।
पंजाब 18 साल से रूकावटें पैदा कर रहा
अभय चौटाला ने कहा है कि एसवाईएल को लेकर पंजाब 18 साल से रुकावटें पैदा कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 नवंबर 2016 को आदेश दिया था कि केंद्र सरकार की देखरेख में नहर का निर्माण कराया जाए, लेकिन पंजाब सरकार के कारण यह पूरा नहीं हो सका। पंजाब लगातार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है, ऐसे में अब जरूरी हो गया है कि इस मुद्दे को लेकर सरकार के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में तथ्यों को लेकर गंभीर पैरवी की जाए।