(आशु ठाकुर) : सैक्टर 7 में आरडब्लयूए के पदाधिकारियों एवं सैक्टरवासियों की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें हुडा सेक्टरों में विभाग मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह फेल रहा है। इस बात पर सभी ने रोष प्रकट करते हुए स्पष्ट कहा कि पानीपत हुडा सेक्टरों का यहां कोई भी रखवाला नहीं है। पिछले 5-6 सालों से बार-बार अधिकारियों से आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है, क्योंकि किसी भी अधिकारी की यहां कोई जवाबदेही नहीं है और न ही विभाग व सरकार द्वारा कोई खुला दरबार लगाया गया है। प्रदेश सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि सबका साथ सबका विकास, लेकिन धरातल पर न कोई काम सिरे चढ़ रहे है। जिसके कारण हुडा निवासियों में भारी रोष पनप रहा है। बैठक की अध्यक्षता हुडा सेक्टरों के संयोजक बलजीत सिंह ने की।
बैठक में बलजीत सिंह ने बताया कि हुडा सेक्टरों में मूलभूत सुविधाएं न देकर विभाग अपनी पॉलिसी की अनदेखी कर रहा है। जिसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी ही कम है। उन्होंने कहा कि पूरे पानीपत के सेक्टरों को एचएसआईडीसी, निगम व एचएसवीपी में बांटकर निजीकरण कर दिया है। जिसका खामियाजा सभी सेक्टरवासी भुगत रहे है, क्योंकि आप जिस विभाग के पास समस्या लेकर जाएंगे, वो अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते है। लोग धक्के खाते फिरते है। उन्होंने कहा कि मैंटेनेंस के नाम पर ठेकेदारों को जो पैसा दिया जा रहा है, वो कहां जा रहा है। हमने बार-बार मांग भी की है कि जो पैसा प्रति वर्ष मैंटेनेंस के नाम पर दिया जा रहा है, उसकी डिटेल दी जाए, ताकि सच सामने आ सके। जब विभाग मूलभूत सुविधाएं नहीं दे रहा है, तो फिर डेवलॉपमेंट चार्ज किस आधार पर ले रहा है।
सेक्टर 7-40 में पानी की निकासी नहीं
जिला संयोजक ने कहा कि औद्योगिक सेक्टरों में सीवर का पानी सड़कों पर आ रहा है, जो विभाग व सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रूपये डेवलॉपमेंट चार् व जीएसटी देते है, उन्हें ही सुविधाएं नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं सेक्टर 7-8 और 40 में सीवर का पानी कहां जाएगा, इसका पिछले 5-6 सालों से प्लान भी तैयार नहीं किया गया। लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर है और पिछले चार माह से सड़कों की सफाई का काम भी बंद पड़ा है। जिससे सैक्टरवासियों में रोष है।
बार-बार बैठक को कारण बताकर जा रहा टाला
सेक्टरवासियों ने बताया कि हमारे द्वारा उपायुक्त एडमिनिस्टेटर रोहतक व सम्पदा अधिकारी पानीपत सहित स्थानीय विधायकों को भी लिखित में अवगत कराया है। ऐसा लगता है कि सरकार का अधिकारियों पर कोई दबाव नहीं है। अब सम्पदा अधिकारी ने पिछले 2 माह में 2 बार लिखित में बैठक का ऑर्डर जारी किया है। उसमें कारण बताकर बैठक को टाल दिया गया। अब फिर से 25 अक्तूबर को बैठक का समय दिया गया है।
सड़कों पर आने के लिए किया जा रहा मजबूर
बैठक में आरडब्लयूए प्रधान मा. रणधीर सिंह व संयोजक ने स्पष्ट किया कि अगर बैठक में उनकी कार्रवाई से हम संतुष्ट नहीं हुए तो उसी समय बाहर आकर सभी सेक्टरों के पदाधिकारियों को मजबूर होकर संघर्ष का अगला कदम उठाना पड़ेगा। वहीं चेतावनी भी दी कि अगर यही रवैया अधिकारियों का रहा तो ये आंदोलन की आवाज पूरे प्रदेश के सेक्टरवासी बनेंगे। जिसकी जिम्मेवारी विभाग व प्रशासन की होगी। हम चाहते है कि सेक्टर की समस्याओं का बातचीत से समाधान हो, लेकिन हमें सड़कों पर आने के लिए मजबूर किया जा रहा है, ताकि अपनी कमाई को और बढ़ाया जा सके।
बैठक में ये रहे मौजूद
मा. रणधीर सिंह, रामपत नैन, राजेंद्र सिंह, रिटायर्ड डीएसपी हवा सिंह, गौरीदत्त, प्रेम सिंह, दिनेश घनघस, ओमप्रकाश, सतबीर सिंह खत्री, सतबीर सिंह, धर्मबीर सिंह, महाबीर सिंह, रणबीर सिंह, कदम सिंह मलिक, महाबीर दहिया आदि सहित अनेक मौजूद रहे।