हरियाणा के पानीपत में सनौली कस्बे से गुजर रही यमुना नदी में गुरुवार सुबह नहाते वक्त 4 नाबालिग संदिग्ध परिस्थितियों में डूब गए। वे पानी के तेज बहाव में लापता हो गए। इसकी सूचना वहां खड़े अन्य लोगों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन व कंट्रोल रूम नंबर पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
सुबह से दोपहर तक चलाए सर्चिंग ऑपरेशन के बाद दो नाबालिग के शवों को बरामद कर लिया गया। जबकि दो की तलाश दूसरे दिन भी जारी है। शुक्रवार सुबह होते ही गोताखोरों की टीम, परिजन, ग्रामीण और पुलिस बड़ी संख्या में घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं। सभी ने मिलकर उनका सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है। यमुना कहीं से 20 फीट तो कहीं से 40 फीट गहरी होने के चलते तलाशी अभियान में दिक्कतें आ रही है। हालांकि सर्चिंग के लिए बोट का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय समीर व 15 वर्षीय शैफ अली के रूप में हुई है। जबकि पानी में वादिल और आमिर लापता हैं।

पांच नाबालिग कर रहे थे एक साथ स्नान
मौके पर पहुंची पुलिस की प्रारंभिक जांच व पूछताछ में सामने आया कि सनौली से साथ लगते गांव जालपाड़ के रहने वाले 5 नाबालिग स्नान कर रहे थे। जिनमें से एक यमुना के किनारे पर ही था। जबकि चार पानी में काफी बीच तक चले गए थे। जिस कारण वहां गहराई का अनुमान नहीं लग पाया और वे डूब गए।
मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे थे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग सुबह मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने नहाने का मन बनाया। सभी की उम्र 14 से 17 साल के बीच है। जिसके बाद बच्चों ने नहाने का मन बनाया। सभी बच्चों की उम्र 14 से 17 साल के बीच की है। जिनमें से एक बच्चे का शव बरामद हुआ है। जिसकी पहचान 17 वर्षीय समीर के रूप में हुई है।
तालिम शिक्षा के आखिरी दिन आज जाना था घर
लापता बच्चों की पहचान वादिल, शैफली निवासी गांव जालपाड़ और 16 वर्षीय अमन निवासी झांबा के रुप में हुई है। जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि गांव तामशाबाद में सभी बच्चे 3 दिन की जमात तालिम की शिक्षा लेने आए थे। आज आखिरी दिन था। इसके बाद ये सभी अपने घर चले जाते।

