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Rewari में पार्ट टाईम नौकरी का झांसा देकर की सवा करोड़ की ठगी

बड़ी ख़बर रेवाड़ी हरियाणा

हरियाणा के रेवाड़ी में एक शख्स के साथ 1 करोड़ 26 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी होने का मामला सामने आया है। जिसमें ठगी का शिकार हुआ शख्स पेट्रोल पंप पर कैशियर की नौकरी करता है। वहीं पार्ट टाइम जॉब के ऑफर में उसने खुद के खाते के साथ-साथ पेट्रोल पंप के खाते से भी मोटी रकम शातिर ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार रेवाड़ी के गांव ओढी निवासी दीपेंद्र ने बताया कि वह ढाई साल से बावल के नंदकिशोर फीलिंग स्टेशन पर बतौर कैशियर कार्यरत है। पेट्रोल पंप के अकाउंट से संबंधित सारा काम भी दीपेंद्र ही देखता है। बीते दिन उसके पास टेलीग्राम पर पार्ट टाइम जॉब का एक ऑफर आया। ये ऑफर दशा शेनॉय नाम की आईडी से मिला था। ऑफर को देखकर दीपेंद्र ने उसमें रूचि दिखाई शुरू की और फिर चेट के जरिए संपर्क साधा। अनुशिया कृष्णनन नाम की एक महिला से उसकी रेगुलर चेट होने लगी। इतना ही नहीं दीपेंद्र के खाते में 800 रुपए ट्रांसफर कर उसे जाल में फंसाते हुए कंपनी जॉइन करा दी गई। हालांकि ये दीपेंद्र को खुद को नहीं पता था कि आखिर उसे पार्ट टाइम जॉब किस कंपनी में मिली है। इसके बाद शातिर ठग उससे टास्क खिलवाना शुरू कर दिया। पहली बार में दीपेंद्र ने 10 हजार रुपए शातिर ठग द्वारा बताए गए एक खाते में डाले तो कुछ देर बाद ही वापस उसके खाते में 10 हजार 83 रुपए भेजे गए।

जाल में फंस गया दीपेंद्र

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दीपेंद्र को किसी तरह का शक ना हो इसलिए शातिर ने पहले 5 हजार और फिर 24 हजार 814 रुपए डलवाए। इसके बदले में उसके खाते 44 हजार 690 रुपए रिटर्न ट्रांसफर किए गए। इस तरह दीपेंद्र उनके जाल में फंस गया। दीपेंद्र ने खुद के अकाउंट से तो काफी सारे पैसे ट्रांसफर किए ही साथ में उसने पेट्रोल पंप के खाते से भी शातिर द्वारा बताए गए बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने शुरू कर दिए। इस तरह उसने 12 अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 26 लाख 74 हजार 39 रुपए ट्रांसफर कर दिए।

कंपनी पहले भी कई लोगों के साथ कर चुकी ठगी

वहीं इतनी मोटी रकम ट्रांसफर करने के बाद शातिर ठगों ने एक तरह से उसे इग्नोर करना शुरू कर दिया। इस बीच दीपेंद्र को पता चला कि इस तरह की कंपनी पहले भी कई लोगों के साथ ठगी कर चुकी है। दीपेंद्र ने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने दीपेंद्र की शिकायत पर फ्रॉड का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही जिन बैंक अकाउंट में दीपेंद्र की तरफ से पैसे ट्रांसफर किए गए, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।