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Para Asian Games ब्रॉन्ज मेडलिस्ट का Rohtak में हुआ स्वागत, ओलिंपिक में गोल्ड लेकर होगी कसर पूरी

रोहतक हरियाणा

पैरा एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले नवीन दलाल का रोहतक पहुंचने पर फूल मालाओं और मुंह मीठा करवाकर स्वागत किया गया। इस दौरान दलाल ने कहा कि गोल्ड मेडल न जीतने का मलाल जरूर है। हालांकि वे पहली बार एशियन गेम्स में भाग लेने गए थे। वे नए थे, समझने में समय लगता है। जिन्होंने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते वे काफी पुराने हैं। अब उनका लक्ष्य ओलिंपिक 2024 खेलना है, ताकि वे देश को मेडल दिला सकें।

उन्होंने कहा कि हमें प्रयास करते रहना चाहिए, सफलता जरूरी मिलेगी। नवीन दलाल ने कहा कि ब्रॉन्ज मेडल आने पर उन्हें कितनी खुशी है, वह अपने शब्दों में बयां नहीं कर सकते। जब जब भाई के प्रोत्साहन के बाद पैरा खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देखा तो हौसला बढ़ा और खुद भी खेलना शुरू किया। उन्होंने दूसरे माता-पिता को भी कहा कि पैरा में खिलाड़ियों के लिए काफी मौका है, वे अपने बच्चों को आगे बढ़ाएं। पैरा एथलीट को परेशानी तो होती है, उनके साथ एक अटेंडेंट की जरूरत होती है। वह अकेला कुछ नहीं कर सकता, सबकुछ दूसरे पर निर्भर करता है।

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पहली बार एशियर गेम्स में भारत का किया प्रतिनिधित्व
चीन के हांगझोउ में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में रोहतक के सेक्टर 14 निवासी नवीन दलाल ने आर्चरी में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है। जिन्होंने पहली बार एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया। नवीन दलाल ने पैरा एशियन गेम्स में आदिल मोहम्मद नजीर अंसारी के साथ मिलकर तीरंदांजी के पुरुष युगल में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है। उन्होंने बताया कि करीब 18 वर्ष पहले सड़क हादसे में स्पाइन इंजरी होने के कारण दोनों पैर व एक हाथ ने काम करना छोड़ दिया। जिसके बाद से उन्हें व्हीलचेयर पर बैठना पड़ रहा है, लेकिन तमाम मुश्किलों के बाद भी हौसला कम नहीं हुआ।

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नवीन मुंह में तीर पकड़कर साधते है निशाना
नवीन ने जेबीटी, बीए ऑफ लाइब्रेरी सांइस, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस, एमए हिस्ट्री की डिग्री हासिल की। वहीं करीब पांच साल पहले नवीन ने राजस्व विभाग में पटवारी पद पर नौकरी मिली। नवीन ने कहा कि उन्हें बडे़ भाई अशोक दलाल व ऑफिस के लोगों ने खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया। जिसके चलते उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले कोच संजय सुहाग के पास तीरंदाजी की ट्रेनिंग लेनी शुरू की थी। नवीन व्हीलचेयर पर बैठकर आर्चरी खेलते है। नवीन का बायां हाथ काम नहीं करता, इसलिए वो मुंह से तीर पकड़कर निशाना साधते है। इससे पहले नवीन नेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल हासिल करने के साथ वर्ल्ड चैपियनशिप में टॉप चार में अपनी जगह बना चुके है।