Chandigarh: हरियाणा सरकार ने तबादलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब किसी भी कर्मचारी का तबादला नियमों के बिना करना संभव नहीं होगा। मुख्य सचिव डॉ. विवेक जोशी ने निर्देश दिए हैं कि तबादलों में तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। जो तबादला आदेश इस प्रक्रिया के तहत जारी नहीं होंगे, उन्हें अवैध माना जाएगा।
तबादलों के लिए एचआरएमएस मॉड्यूल अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अस्थायी या स्थायी किसी भी तबादले के आदेश केवल एच.आर.एम.एस. (मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) मॉड्यूल के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे। इस प्रणाली के बिना जारी तबादला आदेश मान्य नहीं होंगे। एचआरएमएस प्रणाली से आदेश के बिना स्थानांतरित कर्मचारी अपने नए पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर सकेंगे। ऐसे कर्मचारियों को मौजूदा पद पर ही बने रहना होगा। इसके अलावा, ज्वाइनिंग रिपोर्ट भी एचआरएमएस के माध्यम से ऑनलाइन जमा करनी होगी।
मनमाने तबादलों पर लगाम
सरकार के संज्ञान में कुछ ऐसे मामले आए हैं, जहां विभागों, बोर्डों और निगमों ने मुख्यमंत्री कार्यालय की ट्रांसफर एडवाइजरी के बिना ही तबादला आदेश जारी किए हैं। इन मामलों को नियमों का उल्लंघन बताते हुए सरकार ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ग्रुप-ए, बी, सी और डी श्रेणी के किसी भी कर्मचारी का तबादला अब मुख्यमंत्री की ट्रांसफर एडवाइजरी के बिना नहीं हो सकेगा। सलाह मिलने के बाद ही एचआरएमएस मॉड्यूल से आदेश जारी करना अनिवार्य होगा।
अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई होगी
सरकार ने साफ किया है कि तबादला प्रक्रिया में मनमानी बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम कर्मचारियों के तबादलों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। हरियाणा सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों, बोर्डों और निगमों को निर्देश दिया है कि इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि मनमाने तबादलों पर पूरी तरह से रोक लग सके।