Hearing in Punjab and Haryana court today regarding Chandigarh mayor election

Chandigarh मेयर चुनाव को लेकर पंजाब और हरियाणा कोर्ट में सुनवाई आज, हाईकोर्ट ने पूछा – चुनाव को क्यों बनाया जा रहा महाभारत

चंडीगढ़ पंचकुला बड़ी ख़बर हरियाणा

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में आज दूससे दिन भी चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर चल रहे विवाद की सुनवाई होगी। आम आदमी पार्टी के पार्षद और गठबंधन के मेयर प्रत्याशी कुलदीप टीटा की 2 याचिकाओं पर प्रशासन की तरफ से आज डिटेल में जवाब दिया जाएगा। कोर्ट ने कल चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा है कि बताएं 6 फरवरी से पहले चुनाव क्यों नहीं कराए जा सकते। इससे जल्दी कोई तारीख दी जाए नही तो कोर्ट कोई तारीख तय करेगा।

मंगलवार को जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई प्रशासन व निगम की तरफ से कानून व्यवस्था का हवाला देकर कहा गया कि चुनाव 29 जनवरी के बाद ही हो सकते है। इस पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि या तो प्रशासन बुधवार सुबह दस बजे कोर्ट को चुनाव कार्यक्रम बताओ नहीं तो हम आदेश देने के लिए मजबूर होंगे।

प्रशासन ने मांगा जवाब

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प्रशासन ने कहा की हाईकोर्ट उन्हे कल तक का समय दें, कल इस पर निर्णय लेकर हाई कोर्ट को सूचित कर देंगे। इसके बाद हाईकोर्ट ने कल सुबह दस बजे तक का समय देते हुए कहा कि या तो प्रशासन तय कर ले की चुनाव कब होंगे, नहीं तो हमें आदेश जारी करने होंगे।

प्रशासन चंडीगढ़ मेयर चुनाव को महाभारत बना रहा

हाई कोर्ट ने कहा कि प्रशासन चंडीगढ़ मेयर चुनाव को महाभारत बना रहा है। वह इसके लिए 18 दिन का समय मांग रहा है, महाभारत भी 18 दिन ही चली थी। मामले में चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा 26 जनवरी से पहले चुनाव संभव नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा है कि आप एक मेयर के चुनाव, जिसमे महज 35 पार्षदों ने मतदान करना है, उनके चुनाव नहीं करवा सकते। बड़े हैरत की बात है। कोर्ट ने कहा इसके लिए कितनी सुरक्षा चाहिए होगी।

सुरक्षा में कमी, डीजीपी की नाकामी

हाई कोर्ट ने यह आदेश आप और कांग्रेस के पार्षद द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश दिया। याचिका दाखिल करते हुए आम आदमी पार्टी व कांग्रेस गठबंधन से मेयर पद के दावेदार कुलदीप कुमार ने डीसी के उस आदेश को रद्द करने की मांग की थी, जिसके तहत चुनाव के लिए छह फरवरी तारीख तय की गई थी। याची की दलील थी कि एक बार डीसी ने चुनाव कार्यक्रम तय कर दिया, तो उसके बाद उसे इसमें संशोधन का अधिकार नहीं है। पिछली सुनवाई पर प्रशासन ने कहा था कि कानून व्यवस्था की समस्या के चलते 18 जनवरी को चुनाव नहीं कराए जा सके थे। हाई कोर्ट ने इस पर प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा था कि यदि ऐसा है तो यह डीजीपी की नाकामी है।

कोर्ट ने प्रशासन को लगाई फटकार

प्रशासन की ओर से कहा गया कि आगामी दिनों में संवेदनशील कार्यक्रमों को देखते हुए चुनाव के लिए छह फरवरी तारीख तय की गई है। हाई कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था की दलील देते हुए चुनाव टालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह तो केवल मेयर चुनाव है और इसमें कानून व्यवस्था की दलील दी जा रही है तो आम चुनाव कैसे संपन्न कराएंगे। अब प्रशासन की तरफ से बुधवार को चुनाव कार्यक्रम बारे हाई कोर्ट में जानकारी दी जाएगी।