हरियाणा के हिसार में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने अपने विरोध का संकेत दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के उच्चाध्यक्ष के दफ्तर के बाहर धरना प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। यहां के शिक्षक संघों ने अपना विरोध प्रकट किया और मांग की, कि विशेषज्ञों को दी गई ट्रांसफर नीति को रद्द करके समय दी जाए।
डॉक्टर अशोक मलिक ने बताया कि विश्वविद्यालय में पूरे शिक्षकों की कमी होने के कारण विशेषज्ञों को जबरदस्ती पशु विज्ञान केंद्रों में भेजा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण उन पर बहुत दबाव बना रहता है और इसके कारण उन्हें अलग-अलग काम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई प्रोफेसरों का समय से रिटायर हो रहा है, लेकिन नये शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही है। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न केंद्रों में नई भर्तियां की जाएं। वे इस बात को भी जताते हैं कि पिछले दो सालों से कोई नई भर्ती नहीं हुई है, लेकिन अब जब समय की कमी हो रही है, तो विश्वविद्यालय के उच्चाध्यक्ष का यह फैसला विशेषज्ञों द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संगठन के प्रमुख डॉक्टर अमित पूनिया ने बताया कि यहां 294 संदर्भ स्थान हैं, जिनमें से 149 पर विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों से कोई भर्ती नहीं हुई है, लेकिन अब जब विश्वविद्यालय के उच्चाध्यक्ष ऐसे फैसले ले रहे हैं, तो यह उन्हें स्वीकार्य नहीं लगेगा।

