Hisar के चंद्रलोक कॉलोनी(Chandralok Colony) के रहने वाले करीब 48 वर्षीय व्यक्ति ने पेड़ से रस्सी से फांसी लगाकर सुसाइड(suicide) कर लिया। व्यक्ति का नाम शमशेर है मृतक के पास एक सुसाइड नोट(Note) मिला है। सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार पत्नी व उसके भाई को बताया है। फिलहाल आजाद नगर थाना पुलिस ने मृतक के बेटे नवरत्न के बयान पर मृतक की पत्नी शीला व उसके भाई सहित अन्य पर धारा 306 के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी अनुसार चंद्रलोक कॉलोनी निवासी नवरत्न ने बताया कि हम तीन भाई बहन हैं। हमारा परिवार पिछले 8-10 सालो से यहा चन्द्रलोक कलोनी आजाद नगर मे किराए पर रहता है । मेरी मां ऋषि नगर में एकडैमी मे प्राईवेट नौकरी करती है । वह राजगुरू मार्केट कपड़े की दुकान पर काम करता है।पिता शमशेर नशा करने का आदि था।पिता हर रोज मेरी मां से नशा करने के लिए पैसे मांगता था कभी कभी पीछे से घर मे अलमारी से रूपये निकाल लेता था जिस कारण मेरी मां व पिता का आपस मे झगड़ा होता था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 15 जून को वह काम पर गया हुआ था रात को 9:00 बजे वापस आया तो मां ने कहा कि तुम्हारे पिता उससे झगड़ा करके बाहर चले गए है और तेरे पिता ने फोन करके कहा है कि वो घर नही आएगा।

शिकायतकर्ता ने कहा कि रात 10:00 बजे उसने पिता को फोन मिलाया लेकिन पिता ने फोन को नहीं उठाया उन्होंने सोचा कि देर रात तक पिताजी घर आ जाएंगे क्योंकि अक्सर झगड़ा करने के बाद पिताजी बाहर चले जाते थे और देर रात तक वापस आ जाते थे। सुबह पुलिस का फोन आया उन्होंने कहा कि राजगढ़ रोड पर नहर के पास छज्जू राम कॉलेज की दीवार के नजदीक पेड़ से शमशेर ने खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या की हुई है।

क्या लिखा सुसाइड नोट में
मृतक शमशेर के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में उसने बताया कि वह मूलरूप से कैथल का रहने वाला था। उसकी पत्नी उससे झगड़ा करती थी और उसके साथ मारपीट करती थी। बार-बार मुझे धमकी देती थी। इसके भाई ने भी मुझे मारा और मेरे खिलाफ मेरे बच्चे कर दिए। मेरा मन टूट गया, मेरा किसी भी काम में मन नही लगता था। मुझे बच्चे कहने लग गए। आप मर क्यों नहीं जाते, अब मैं क्या करूं मेरे पास कुछ भी नही बचा मैं अन्दर टूट गया हूं, मेरे पास आखरी रास्ता सिर्फ मौत का बचा है। जब लड़की की शादी की ये बोली अगर तेरे परिवार को बुलाएगा, तो मैं मर जाऊंगी। आपसे निवेदन है कि मेरी लाश मेरे गांव में पहुंचा देना। मेरी पत्नी को हाथ तक लगाने नहीं देना। हो सके मुझे इंसाफ दिला देना, आप अति कृप्या होगी। मेरे पास आखरी रास्ता यही बचा, जो भी मैने लिखा बिल्कुल सच्चाई है।







