Haryana News : हरियाणा के जिला हिसार में पहला इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। जिसका नाम प्रदेश सरकार ने महाराजा अग्रसेन के नाम पर रखा है। इस एयरपोर्ट पर रनवे, कैट आई, एटीसी, जीएससी एरिया, पीटीटी, लिंक टैक्सी, एप्रेन, फ्यूल रूम, बेसिक स्पिट पैरामीटर रोड और बरसाती ड्रोन बनाने का कार्य जारी है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग और एटीसी टावर बनाने का टेंडर हैदराबाद की वेन्सा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को अलॉट कर दिया है। इस टर्मिनल बिल्डिंग और टावर बनाने पर करीब 412.58 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। जिसके पूरा होने में करीब 30 माह का समय लगेगा।
बता दें कि यह टर्मिनल शंख के आकार जैसा दिखाई देगा। स्वास्थ्य एवं नागरिक उड्डयन मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने भी जल्द से जल्द हिसार एयरपोर्ट से रिजनल फ्लाइट शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। हिसार एयरपोर्ट पर रनवे से संबंधित काम पूरे होने के बाद जून-जुलाई में जयपुर, चंडीगढ़, अहमदाबाद और जम्मू जैसे शहरों के लिए फ्लाइट शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बता दें कि हिसार एयरपोर्ट पर इससे पहले भी एयर टैक्सी की सेवा शुरू हो चुकी है, लेकिन नगर विमानन महानिदेशालय डीजीसीए के नियम व शर्तें फ्लाइट उड़ाने में बाधा बनीं।

पहले नियम था कि फ्लाइट उड़ाने के लिए 1500 मीटर यानि डेढ़ किलोमीटर की विजिबिलिटी होनी चाहिए, लेकिन हिसार में ऐसा समय भी आया जब सर्दियों में एक सप्ताह तक घना कोहरा छाया रहा। इसके कारण फ्लाइट उड़ाने में बाधा उत्पन्न हुई। इसके बाद इन नियमों में एक बार फिर संशोधन हुआ और फ्लाइट उड़ाने के लिए 5000 मीटर यानि 5 किलोमीटर की विजिबिलिटी तय कर दी।
माना जा रहा है कि हिसार एयरपोर्ट को कामयाब बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि दिल्ली का ट्रैफिक हिसार आए। इसके लिए दिल्ली से हिसार कनेक्टिविटी तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में हिसार एयरपोर्ट को नई दिल्ली के बीच रेल लाइन से जोड़ा जाएगा। इसके लिए हरियाणा सरकार हिसार एयरपोर्ट और दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के बीच रेलवे लाइन के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। हालांकि यह कार्य 2 चरणों में पूरा किया जाएगा।

पहले चरण में गढ़ी हरसरू-फरुखनगर-झज्जर के बीच रेल कनेक्टिविटी होगी। जबकि दूसरे चरण में हिसार हवाई अड्डे को जोड़ा जाएगा। इसमें करीब 1200 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च आएगा। वहीं बताया जा रहा है हिसार एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग के लिए कैट आई लगाने का काम किया जा रहा है। इसमें जीपीएस प्रणाली लगी होगी। इससे विमान कम्प्यूटर की मदद से अपने आप रनवे पर लैंडिंग कर सकेगा।
वहीं सरकार ने फ्लाइट उड़ाने के लिए डीजीसीए से आवश्यक लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। विभाग का कहना है कि अब उनका पूरा फोकस हवाई अड्डा संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त करना है। इसके लिए विभाग ने हरियाणा सरकार के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट ने अपनी तरफ से कार्रवाई शुरू कर दी है।

