हिसार के हांसी में एक कर्मचारी को जान से मारने की धमकी देने पर साइबर थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर विजय तंवर पर मामला दर्ज हुआ। वहीं इंस्पेक्टर विजय तंवर ने भी रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी, उसके मामा व 2 अन्य पर एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जिस मामले में एसआईटी की जांच चल रही है, वो मामला 2 वर्ष पुराना है। तब इंस्पेक्टर विजय तंवर हांसी सीआईए टू के इंचार्ज थे। रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी मनीष का कहना है कि वह भिवानी के ढाणी रिवासा गांव का निवासी है। सीआईए टू पुलिस ने उन्हें तोशाम से जबरन उठा लिया, उन्हें 3 दिन तक सीआईए थाना में प्रताड़ित किया। इसके बाद इंस्पेक्टर विजय तंवर के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों से मिले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एसआईटी कर रही मामले की जांच
मनीष ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाईकोर्ट को मामले के निपटान के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने डीजीपी को पूरे मामले की जांच को कहा गया। इसके बाद डीजीपी ने हिसार के एडीजीपी श्रीकांत जाधव के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। एसआईटी की जांच के दौरान वह 3 दिन पहले हांसी आए।

एसएचओ ने दी धमकी
मनीष का आरोप है कि उस दौरान इंस्पेक्टर विजय तंवर वहां आए और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर इंस्पेक्टर विजय तंवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। वही इंस्पेक्टर विजय ने भी रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायत में उनका कहना है कि 8 सितंबर को सीएम ड्यूटी करने के बाद करीब सायं साढ़े 3 बजे जब वह बस स्टैंड के समीप अपने आवास में पहुंचा, तो वह वर्दी में थे।