Haryana में विधानसभा चुनाव के बाद अब निकाय चुनाव में भी कांग्रेस खुद ही चुनाव लड़ती हुई नजर आ रही है। Hisar में कांग्रेस के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे रामनिवास राड़ा बागी होकर कांग्रेस उम्मीदवार कृष्ण सिंगला टीटू के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर चुके हैं।
आज (मंगलवार) को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हिसार पहुंचे और उन्होंने राड़ा को चेतावनी दी। हुड्डा ने कहा कि अगर राड़ा ने अलग से चुनाव लड़ा तो उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया जाएगा। यह चेतावनी, राड़ा के नामांकन वापसी से महज एक दिन पहले दी गई, जो काफी अहम मानी जा रही है।
रामनिवास राड़ा और हुड्डा के विवाद पर उठे सवाल:
रामनिवास राड़ा, जिन्होंने हिसार से दो बार कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा था, दोनों बार हार का सामना किया। राड़ा ने अपनी हार का आरोप हुड्डा गुट पर लगाया और कहा कि इस गुट ने उन्हें जानबूझकर चुनाव हारवाया। राड़ा ने हाईकमान को अपनी हार की रिपोर्ट भी सौंपी थी। उन्होंने कहा था, “हुड्डा गुट ने मुझे हरवाया,” और इस बार वह इसका बदला लेने का इरादा रखते हैं।
कांग्रेस की फैक्ट एंड फाइंडिंग कमेटी में राड़ा की शिकायत:
राड़ा ने विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस की फैक्ट एंड फाइंडिंग कमेटी से भी शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के अंदर ही कुछ नेताओं ने भीतरघात किया और उनकी हार में योगदान दिया। राड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने जानबूझकर उन्हें प्रचार में मदद नहीं की और भाजपा के उम्मीदवार सावित्री जिंदल को जिताने के लिए काम किया।
हुड्डा का भाजपा पर हमला:
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले 10 सालों में हिसार में कोई भी विकास कार्य नहीं किया। न यहां कोई यूनिवर्सिटी बनाई, न थर्मल प्लांट और न ही कोई बड़ा उद्योग स्थापित किया। इसके अलावा, हिसार के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को भी स्थानांतरित कर दिया गया, और भाजपा सरकार इस पर मूक दर्शक बनी रही। हुड्डा ने कहा कि इन सभी मुद्दों को कांग्रेस मेयर चुनाव के दौरान जनता के बीच उठाएगी।
निकाय चुनाव में कांग्रेस की अपील:
हुड्डा ने कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी वादों को पूरा नहीं किया और निकाय चुनाव में वोट मांगने के लिए उसके पास कोई कारण नहीं है। हुड्डा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में हरियाणा देश में रोजगार, प्रति व्यक्ति आय और निवेश के मामले में नंबर वन था, लेकिन आज हरियाणा बेरोजगारी में नंबर वन बन चुका है।
इस तरह, कांग्रेस अब अपने मुद्दों को लेकर निकाय चुनाव में उतरेगी और भाजपा के विकास कार्यों की खामी को उजागर करेगी।