हिसार की कोर्ट ने मई 2018 में दर्ज सुनील मर्डर केस में फैसला आया है। मामले में अदालत ने 9 दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। एडीजे डॉ. गगनदीप मित्तल ने मनोज, सुरजीत, सतबीर, राजाराम, सोमबीर, विकास, नवीन, शीनू और जग भगवान को 38500 रूपए जुर्माना लगाया है। अदालत ने 16 अगस्त को दोषी करार दिया था, बास थाना पुलिस ने 26 मई 2018 को दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामूली कहासुनी होने के बाद सुनील चोटें मारी गई थी, अस्तपाल में इलाज केदौरान मौत हो गई थी।
मेहंदा के रहने वाले विक्रम कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। उसने बताया कि पड़ोसी शीनू उर्फ सुरेश शराब पीए हुए था। 25 अगस्त को दिन में करीब तीन बजे आपस में घरेलू बातों को लेकर कहासुनी हो गई थी। शीनू ने तैश में आकर उससे गाली गलौच की। वह अपने घर चला गया। शीनू ने अपने घर जाकर भी उसे गालियां देनी शुरु कर दी।
तलवार, लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी से किया हमला
उसने शीनू उर्फ सुरेश को समझाने के लिए उसके ताऊ के बेटे मेहंदा के सुनील को बुलाया था। उसके बुलाने पर सुनील, उसका साला गोहाना से मुनीष अपनी मोटरसाईकल पर उसके पास गांव मेहंदा में आए। उन्हें आता देखकर मनोज, सुरजीत, सतबीर, राजाराम, सोमबीर, विकास, नवीन, शीनू और जग भगवान ने वहां तलवार, लाठी, डंडे, कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया।
डाक्टर ने सुनील को मृत किया घोषित
इन सभी ने सुनील को कुल्हाड़ी, तलवार, लाठी, डंडो से चोटे मारी, साथ ही मनीष को भी चोटें मारी। वह सुनील का बचाव करने लगा तो उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। मारपीट से सुनील बेहोश हो गया। उसने सुनील व मुनीष को ईलाज के लिए हांसी के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। वहां डाक्टर ने सुनील को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज किया था

