हिसार में एक गर्भवती महिला की अस्पताल में मौत हो गई, जिसे प्रसव पीड़ा होने के बाद भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान महिला की डिलीवरी भी करवाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बच्चे को भी नहीं बचा सके। पुलिस ने मामले में जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार महावीर कॉलोनी में निवास करने वाले दीपक और गुरुग्राम में रहने वाली 24 वर्षीय सोनिया की शादी को करीब 3 साल हो गए हैं। दीपक नगर निगम में अस्थायी ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। उनकी पत्नी सोनिया गर्भवती थी और उनके 9 माह पूरे हो गए थे। चूड़ामणि अस्पताल में उपचार नहीं किया।
दीपक ने बताया कि शनिवार रात को अचानक सोनिया को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उसे जल्दी से चूड़ामणि अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने महिला का उपचार नहीं किया। फिर परिजनों ने सोनिया को जिंदल अस्पताल ले जाया, जहां उन्होंने उपचार शुरू कराया।
गर्भ में मौजूद बच्चे को बचाने का प्रयास
दीपक ने कहा कि वहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन सोनिया की हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद डॉक्टरों ने सोनिया को छोड़कर गर्भ में मौजूद बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई और महिला का पोस्टमॉर्टम सिविल अस्पताल में कराया गया।

