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CMO के दखल से नाराज Minister Anil Vij छोड़ सकते हैं स्वास्थ्य मंत्रालय, विधायकों को काम करने से किया इनकार

पंचकुला बड़ी ख़बर राजनीति हरियाणा

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के विभाग में हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के दखल की चर्चाएं जोर पकड़ती जा रही हैं। जिसको लेकर स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज बहुत नाराज हैं। सूत्रों की मानें तो उनकी नाराजगी की वजह से उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की सभी फाइलों को रोक दिया। साथ ही विभाग से जुड़ा अब कोई भी काम नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों को लेकर जा रहे भाजपा विधायक सत्यप्रकाश जरावता, राजेश नागर और कृष्ण मिड्डा को विज ने काम करने से साफ इनकार कर दिया। मंत्री विज की नाराजगी यहां तक पहुंच गई है कि उन्होंने यह तक कहना शुरू कर दिया है कि उनके पास स्वास्थ्य महकमा चला गया है। हालांकि औपचारिक तौर पर उनकी तरफ से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सूत्रों का दावा है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि अगर यूं ही दखल रहा तो वह स्वास्थ्य विभाग को छोड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। इसके बाद से ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक गलियारों में यह मामला गूंजने लगा है। मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पास भी पहुंच चुका है। हालांकि यह बात भी सामने आ रही है कि 5 अक्तूबर को पंचकूला के विश्राम गृह में हुई बैठक मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही की गई थी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की नाराजगी की वजह हरियाणा सीएमओ की ओर से यह बैठक रखी गई थी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की एसीएस डॉ. जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमा शंकर वीसी के माध्यम से जुड़े। वहीं एपीएससीएम, आयुष विभाग के महानिदेशक, सीईओ आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक और एमडी एचएमएससीएल मौजूद रहे थे। बैठक में मुख्य रूप से लंबित मामलों को लेकर चर्चा की गई थी और विभाग की कार्यप्रणाली सुधार को लेकर रणनीति तैयार की गई थी। साथ ही बैठक करने के पीछे पेंडिंग कार्यों को पूरा करना बताया गया है, लेकिन मंत्री अनिल विज इस बैठक को अपने महकमे में हस्तक्षेप होना बता रहे हैं।

एक चर्चा यह भी है, सीएमओ में अधिकारी दंपती पर अहम पद

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प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के विभाग की समीक्षात्मक बैठक पर अच्छी खासी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक चर्चा यह भी है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर विज के विभाग की समीक्षा शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी इस पूरे मामले की जानकारी है। उनकी मंजूरी के बाद ही सीएमओ की ओर से हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा शुरू की गई है।

बता दें कि हरियाणा में आईएएस रिटायर होने के बाद राजेश खुल्लर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सीएमओ में बड़ी जिम्मेदारी दी है। वह अभी सीएमओ में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव (चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी) की जिम्मेदारी देख रहे हैं। उनकी पत्नी आईएएस सोनिया खुल्लर अनिल विज के स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य महानिदेशक की जिम्मेदारी देख रही हैं। सीएमओ के ऑर्डर के बाद उनकी उपस्थिति में ही विभाग की समीक्षा बैठक की गई थी।

सीएमओ से नाराजगी का यह पहला मौका नहीं

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की नाराजगी का यह पहला मौका नहीं है। विज इससे पहले भी सीएमओ के हस्तक्षेप को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। वर्ष 2014 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के खिलाफ मुखर हुए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारी से स्वास्थ्य विभाग को वापस ले लिया था। वहीं मौजूदा कार्यकाल में गृह मंत्री अनिल विज का डीजीपी मनोज यादव के साथ लंबा विवाद चला। गत दिनों अनिल विज यमुनानगर में एक मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य के शुभारंभ पर अधिकारियों की ओर से निमंत्रण नहीं मिलने से नाराज नजर आए थे। उन्होंने लिखित में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था।

सीआईडी पर डेढ़ माह तक चला था विवाद

बता दें कि अनिल विज पर स्वास्थ्य विभाग होने के साथ गृह मंत्रालय भी है। गृह मंत्रालय होने के बावजूद उनसे 4 वर्ष पहले सीआईडी विभाग वापस ले लिया गया था। जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विभागों में शामिल कर दिया गया था। इस बात को लेकर गृहमंत्री अनिल विज और सीएम मनोहर लाल के बीच करीब डेढ़ माह तक विवाद चला था। विवाद की शुरुआत सीएमओ के दो अधिकारियों को विज के विभागों में लगाए जाने से हुई थी।

सरकार ने मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेश कुमार खुल्लर को गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव और सीएम के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी वी. उमाशंकर को नगर निकाय में प्रधान सचिव का कार्यभार दिया था। ऐसे में यह अधिकारी अनिल विज के विभागों को कम समय दे पा रहे थे। वहीं सीएमओ के अफसरों को अपने महकमे में लगाए जाने से अनिल विज नाराज हुए। इसके बाद विवाद शुरू हो गया था।