Haryana Politics Update : हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर फिलहाल संशय बरकरार है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश के पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अभी भी नाराज नजर आ रहे हैं। रूठे गब्बर को मनाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन वह शपथ लेने को तैयार नहीं हैं।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू होने के कुछ घंटे पहले हरियाणा में नायब सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुग्राम से विधायक सुधीर सिंगला राजभवन पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर पार्टी की तरफ से अनिल विज को मनाने की कोशिश की जा रही हैं, वह जल्द ही मान जाएंगे। सुधीर सिंगला ने कहा कि कैबिनेट विस्तार सुबह 11 बजे किया जाना था, लेकिन अब समय में बदलाव किया गया है।

बताया जा रहा है कि अनिल विज के शपथ नहीं लेने पर पार्टी पंजाबी समुदाय से ही आने वाले जींद के विधायक कृष्ण लाल मिड्डा को मौका दे सकती है। फिलहाल मुख्यमंत्री के साथ शपथ लेने वाले पांचों मंत्रियों में कोई भी पंजाबी समुदाय से नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मनोहर लाल के हटने के बाद पार्टी पंजाबी समुदाय को जरूर प्रतिनिधित्व देगी।

माना जा रहा है कि अनिल विज के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने पर क्षेत्रीय समीकरण के हिसाब से असीम गोयल या ज्ञानचंद गुप्ता को भी आगे लाया जा सकता है। उनके मंत्री बनने से वैश्य समुदाय को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। वहीं पृथा से निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत को भी मौका दिया जा सकता है। सरकार को समर्थन देने वाले गोपाल कांडा के भी मंत्रिमंडल में शामिल होने के कयास हैं।

वहीं अनिल विज के करीबियों की मानें तो 12 मार्च के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनसे बात नहीं की है। जिस दिन विज नाराज हुए थे, उस दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनसे फोन पर बातचीत की थी। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह और पूर्व सीएम मनोहर लाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे थे और संभावित मंत्रिमंडल को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की है। माना जा रहा है कि अगर शपथ ग्रहण हो जाती है तो कुछ ही देर बाद ही मंत्रियों को विभाग भी बांट दिए जाएंगे।
