हरियाणा के जिला फरीदाबाद में जमानत पर बाहर आए विचाराधीन कैदी पर 10-12 बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने कैदी के हाथ-पांव तोड़ दिए और उसे गंभीर रुप से घायल कर दिया। हमले में विचाराधीन कैदी की मां को भी गंभीर चोंटे आई है। घायल को फरीदाबाद के बादशाह खान नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए एडमिट करवाया गया है।
जानकारी के मुताबिक विचाराधीन कैदी की पहचान जीत के रुप में हुई है। आज उसकी मां अनीता और पिता अनिल शर्मा उसकी जमानत कराने के बाद जेल से बाहर निकले थे। वह जैसे ही जेल से कुछ दूर पर पहुंचे और एक छोटा हाथी को हाथ देकर रुकने का इशारा किया, कि तभी पीछे से लगभग दो-तीन गाड़ियों में लाठी डंडे, सरियों और हॉकी लेकर आए दर्जन भर बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बदमाशों ने उसके हांथ पांव तोड़ दिए और उनकी मां अनीता को भी काफी गंभीर चोटें आई है। घटना के बाद उनके पिता अनिल ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भिजवाया।
2 नवंबर को हुआ था झगड़ा
विचाराधीन कैदी जीत शर्मा के मुताबिक उसके भाई उमेश का बीते 2 नवंबर को सूरजकुंड इलाके में तिगांव के रहने वाले अशोक, तरुण और योगेश के साथ झगड़ा हो गया था। इस झगड़े की खबर उसके बड़े भाई उमेश ने उसे फोन कर दी थी, जिसके बाद वह अपने भाई उमेश को बचाने के लिए पहुंचा था। इस दौरान झगड़े में अशोक को गंभीर चोट आई थी , जिसके चलते पुलिस ने उमेश और उसके खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया था और वह दोनों भाई 11 दिसंबर से जेल में बंद थे। वहीं, इस हमले के बाद जीत शर्मा के माता-पिता काफी सदमे में है। उनका कहना है कि वह लोग दिल्ली के लाल कुआं के रहने वाले हैं। उनका बेटा जीत शर्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी में बी कॉम का थर्ड ईयर का छात्र है। बड़ा बेटा उमेश मानेसर में एक कंपनी में काम करता है और वह एक मंदिर में सेवादार है।

