INLD state president attack case

INLD प्रदेशाध्यक्ष हत्याकांड का वीडियो वायरल, BJP नेताओं पर मुकदमा दर्ज, परिवार का पोस्टमार्टम से इनकार, चौटाला परिवार के करीबी थे Nafe Singh Rathi

फरीदाबाद बड़ी ख़बर राजनीति हरियाणा

इनेलो हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है। चारों ओर उनके हत्याकांड को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है। हर आदमी उनके हत्यारों के बारे में जानने के लिए उत्सुक है। वहीं पुलिस की ओर से नफे सिंह राठी हत्याकांड में 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। राठी हत्याकांड में बदमाशों को एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो अब तेजी के साथ वायरल हो रहा है।

नफे सिंह राठी हरियाणा की राजनीति में एक प्रमुख नेता थे, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और अभय सिंह चौटाला के करीबी माने जाते हैं। इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष का निवास हरियाणा के बहादुरगढ़ गांव में है। नफे सिंह राठी जाट नेता थे और बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे। बता दें कि राठी हत्याकांड से पहले का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। जिसमें बदमाश सफेद रंग की कार में दिखाई दे रहे हैं।

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नफे सिंह राठी और उनके सहयोगी जयकिशन के शव नागरिक अस्पताल में पहुंचाए गए हैं। जहां पोस्टमार्टम किया जाएगा। लाइन पार थाना बहादुरगढ़ में गाड़ी चालक और नफे सिंह राठी के भांजे राकेश उर्फ संजय के बयान पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें कहा गया है कि पांच हमलावर थे।

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बताया जा रहा है कि पुलिस ने चालक राकेश उर्फ संजय के बयान पर भाजपा के पूर्व विधायक नरेश कौशिक, पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी, चाचा ससुर कर्मवीर राठी, देवर कमल राठी, पूर्व मंत्री मांगेराम राठी के पुत्र सतीश राठी, पोते गौरव, कमल, राहुल के खिलाफ हत्या सहित 8 धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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वहीं नफे सिंह राठी के परिवार ने पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया है। राठी के समर्थकों ने अस्पताल के बाहर रोड पर जाम कर दिया है। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। झज्जर के पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन का कहना है कि जांच के लिए 2 डीएसपी के नेतृत्व में 5 टीमें बनाई हैं। सीआईए और एसटीएफ को भी जाम में शामिल किया गया है। इस हमले में राठी के साथ पार्टी कार्यकर्ता जयकिशन दलाल की भी मौत हो गई। वहीं भांजे संजय और निजी सुरक्षाकर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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बता दें कि नफे सिंह का पहला राजनीतिक कदम 1996 में उठा था, जब उन्होंने समता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। जिसके बाद सन् 2000 में इंडियन नेशनल लोक दल की टिकट पर भी विधायक चुने गए। इतना ही नहीं बहादुरगढ़ म्युनिसिपल काउंसिल के भी दो बार अध्यक्ष रहे। नफे सिंह राठी के अलावा उन्हें ऑल इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन के भी अध्यक्ष चुना गया। इसलिए पूर्व सीएम ओपी चौटाला और अभय चौटाला के नजदीकी थे।

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विभाजन के बाद भी नफे सिंह ने ओपी चौटाला परिवार का साथ नहीं छोड़ा। दुष्यंत चौटाला के पार्टी से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने के विरोधी रहे। हालांकि उनकी काफी आलोचना भी हुई, लेकिन वह पार्टी में काफी सक्रिय रहे। वहीं मामले को लेकर पुलिस द्वारा 7 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही हैं।

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पुलिस ने पूर्व विधायक नरेश कौशिक समेत सात लोगों के खिलाफ नामजद व कुछ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया हैं। गाड़ी चालक व नफे राठी के भांजे राकेश उर्फ संजय के बयान पर मामला दर्ज हुआ, पांच हमलावर थे। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने कहा कि तुझे जिंदा छोड़ रहे हैं, इनके घर बता देना कि नरेश कौशिक, कर्मबीर राठी, सतीश राठी आदि के खिलाफ कभी भी अदालत गए तो सारे परिवार को जान से मार देंगे।

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कई बार राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती में लिया भाग

नफे सिंह राठी को कुश्ती का भी शौक था। उन्होंने कई बार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में हिस्सा लिया। हाल ही में वे टर्की में आयोजित छठे ईथनोस्पोर्ट फोरम में इंडियन स्टाइल रेसलिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के नाते भाग लिया। उन्होंने यहाँ अपने देश की मिट्टी की कुश्ती को बढ़ावा देने के बारे में अपने विचार रखे। कुश्ती के अलावा नफे सिंह के पास पुरानी सामग्री से भरी एक कार है।

बहादुरगढ़ में एक दिन फायरिंग के बाद वो गोलियों के हमले का शिकार हो गए थे। नफे सिंह राठी को लोगों के बीच ‘भूमिगत’ नेता के रूप में जाना जाता है। उन्हें जमीन से जुड़े हुए नेता के रूप में पहचाना जाता है और वे अक्सर कार्यकर्ताओं के साथ दिखाई देते हैं।

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अपराधिक मामलों में भी चर्चित रहा नाम

नफे सिंह राठी पर कई गंभीर आरोप भी लगे हैं, उन्हें बेईमानी के आरोप में फंसाया गया। उन पर बाजारी गतिविधियों में भाग लेने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं उनके खिलाफ आईपीसी की धारा-420 के तहत मामला दर्ज है। साथ ही उन पर धारा 409 के तहत भी आरोप लगे हुए हैं, जो लोक सेवक, बैंकर, व्यापारी या एजेंट द्वारा आपराधिक विश्वासघात से संबंधित है।

उन पर पूर्व मंत्री के बेटे के सुसाइड मामले में भी आरोप लगे है। जिसमें नफे सिंह पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा, जो कि आईपीसी की धारा 306 के तहत आता है। उनके संगठन में और भी कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है।

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विधानसभा चुनाव की तैयारी में थे

नफे सिंह राठी ने हाल ही में अपना 66वां जन्मदिन मनाया। बहादुरगढ़ स्थित कार्यालय में जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों ने भी पहुंचकर शुभकामनाएं दी। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भी भाग लेने की तैयारी में थे, जो कि बहुत ही महत्वपूर्ण हो सकता था। नफे सिंह राठी करोड़ों की संपत्ति के मालिक है। उनके पास बहुत सारी जमीन और अन्य संपत्ति है। वे एक जाने-माने सियासी नेता हैं और जो कि हमेशा से सत्ता के पक्ष में रहे हैं।

उन्होंने हमेशा अपने विचारों को बेबाकी से रखा है। उनका जन्मदिन का मनाना और हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाग लेने के बावजूद उनके ऊपर अपराधिक मामले उनकी छवि को क्षति पहुंचा सकते थे, उन्हें इन आरोपों का जवाब देते हुए कोर्ट के आदेश का पालन करना था।

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विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज

थाना लाइनपार प्रभारी संदीप ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पुलिस ने चालक राकेश उर्फ संजय के बयान पर पूर्व विधायक नरेश कौशिक, पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी और चाचा ससुर कर्मवीर राठी, देवर कमल राठी, पूर्व मंत्री मांगेराम राठी के पुत्र शतीश राठी, पोते गौरव व राहुल व पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। बहादुरगढ़ के लाइनपार थाना में मुकदमा नंबर 37, आइपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 302, 120बी, 25-27- 54-59 आर्म्स एक्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।