अंतरराष्ट्रीय स्तर के योगा खिलाड़ी और हरियाणा पुलिस के इंस्पेक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। योगा खिलाड़ी और इंस्पेक्टर वीरभान का शव गुरुग्राम स्थित फ्लैट में फंदे से लटका मिला है। आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने पारिवारिक कलह के चलते अपनी जान दे दी। फिलहाल उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार वीरभान रोहतक जिले के गांव खिड़वाली का रहने वाले थे। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में खेल कोटे से हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर बने थे। ग्रामीणों का कहना है कि योगा खिलाड़ी और इंस्पेक्टर वीरभान वर्ष 2007 में योगा में अपनी योग्यता के आधार पर हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दूसरे कार्यकाल में उन्हें पदोन्नति कर इंस्पेक्टर बनाया गया था। बता दें कि वीरभान ने यह उपलब्धि अपनी योग्यता के आधार पर हासिल की थी।
अंतरराष्ट्रीय पुलिस योगा स्पर्धा में जीता था गोल्ड
मृतक वीरभान फिलहाल भौंडसी स्थित पुलिस अकादमी में योगा शिक्षक के तौर पर ड्यूटी कर रहे थे। करनाल में 14 से 16 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय पुलिस योगा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें वीरभान ने गोल्ड मेडल जीता था। इसमें 11 देशों के करीब 300 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। खिड़वाली के वीरभान ने 30 से 40 आयु वर्ग में पुलिस योगा प्रतियोगिता में भाग लिया था। जिसमें वीरभान ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
पिता-चाचा, प्रशिक्षक और उच्चाधिकारियों को देते थे सफलता का श्रेय
खेल कोटे से हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए इंस्पेक्टर वीरभान ने अनेक उपलब्धि हासिल की हैं। वीरभान अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता जगत सिंह, चाचा रामफूल हुड्डा, अपने प्रशिक्षक और हरियाणा पुलिस के उच्च अधिकारियों को देते थे। वह 5 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल विनर रहे हैं। साथ ही एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने मैडल हासिल किया। इसके अलावा वीरभान 3 बार भारत योग टाईटल से नवाजे गए। 28 बार राष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में मैडल विजेता रहे। वहीं 7 बार ऑल इंडिया पुलिस गेम में भी उन्होंने मैडल जीते।