Bhiwani: Fraud in the name of digital arrest, cyber crime police arrested 4 accused

नारनौल में नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख की ठगी, युवक ने की पुलिस में शिकायत

हरियाणा

● नारनौल में युवक ने पशुपालन विभाग के कर्मचारी पर 35 लाख लेकर नौकरी न दिलाने का आरोप लगाया।
● आरोपी ने पहले कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का दावा किया था, लेकिन बाद में पैसे वापस करने से मुकर गया।
● आरोपी ने सभी आरोपों को झूठा और निराधार बताया, पुलिस ने जांच शुरू की।

Haryana Job Scam: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में एक युवक ने पशुपालन विभाग में कार्यरत वीएलडीए (Veterinary Livestock Development Assistant) सत्येंद्र सिंह पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 35 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित युवक हितेष की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, आरोपी सत्येंद्र ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

पीड़ित हितेष, जो मूल रूप से रेवाड़ी का रहने वाला है और फिलहाल नारनौल की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में रहता है, ने बताया कि उसने एमटेक किया हुआ है और सरकारी नौकरी के लिए कई परीक्षाएं दी हैं। हालांकि, हर बार वह कुछ अंकों से पीछे रह जाता था। इस दौरान उसका परिचय सत्येंद्र सिंह से हुआ, जो पटीकरा गांव में पशुपालन विभाग में कार्यरत था। सत्येंद्र उसके पिता का अच्छा दोस्त था और अक्सर उनके घर आता था। इसी दौरान उसने हितेष को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

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“पहले भी कई लोगों को दिला चुका हूं सरकारी नौकरी”

हितेष ने बताया कि अगस्त 2023 में सत्येंद्र उसके घर आया और दोबारा सरकारी नौकरी दिलाने की बात कही। उसने दावा किया कि वह पहले भी कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलवा चुका है। इतना ही नहीं, उसने अपने मोबाइल में कुछ लोगों की तस्वीरें भी दिखाईं और कहा कि ये सभी उसकी बदौलत सरकारी पदों पर कार्यरत हैं।

हितेष पहले तो पैसे देकर नौकरी लेने को तैयार नहीं था, लेकिन सत्येंद्र ने उसे भरोसा दिलाया कि वह उसे मेरिट लिस्ट में शामिल करवा देगा और अच्छा स्टेशन भी दिलवा देगा। इसी विश्वास में आकर हितेष ने सत्येंद्र को 35 लाख रुपये दे दिए। यह रकम नकद और बैंक ट्रांजेक्शन दोनों माध्यमों से दी गई थी।

“लिस्ट में नाम नहीं आया, पैसे भी वापस नहीं मिले”

हितेष के अनुसार, जब मेरिट लिस्ट में उसका नाम नहीं आया तो उसने सत्येंद्र से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह बार-बार टालमटोल करता रहा। कई प्रयासों के बाद बात होने पर सत्येंद्र ने 20 नवंबर 2024 तक पैसे लौटाने का वादा किया, जिसे बाद में 20 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया। हालांकि, वह 20 दिसंबर तक भी रकम वापस नहीं कर पाया।

“सभी आरोप झूठे और निराधार” – सत्येंद्र सिंह

इस मामले में आरोपी सत्येंद्र सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा बताया है। उसका कहना है कि हितेष ने उसे कभी कोई पैसा नहीं दिया और जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे निराधार हैं। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।