Karnal : महेंद्रगढ़ में छात्रों की मौत चीख से पूरा देश व प्रदेश सिहर उठा। हादसे की गूंज प्रशासन के कानों तक पहुंची और प्राइवेट स्कूलों की बसों की चेकिंग शुरू हो गई। शुक्रवार को घरौंडा में प्रशासन ने चेकिंग की तो प्राइवेट स्कूलों की बसों के हालातों की पोल खुल गई। किसी बस में एक्स्पायरड अग्निशमन यंत्र मिला तो कई बसों में सीसीटीवी खराब हालत में थे। किसी बस की प्राथमिक चिकित्सा किट में एक्सपायरड दवाईयां पड़ी हुई थी तो किसी स्कूल की बस में पोलीथीन में दवाईयां भरकर ही फर्स्ट एड किट बनाया हुआ था।

कहने का मतलब यह है कि प्राइवेट स्कूलों ने नियमों और कानूनों को ठेंगा दिखाया हुआ है। नियमों को ताक पर रखकर लोगों के बच्चों के साथ खिलवाड़ किया जाता है। न कोई रोकने वाला है और न ही कोई टोकने वाला। पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने वाले स्कूलों की बसों में व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति देखने को मिली।

दिल्ली चुंगी पर ही सेंचुरी स्कूल की दो बसों में कमियां पाई गई और पार्थ स्कूल की बस भी नियमों पर खरी नहीं उतर पाई। लिहाजा तीनों बसों को मौके पर ही इंपाउंड कर दिया गया। इसके बाद सेंचुरी स्कूल में पहुंचकर दो ओर अन्य बसों को भी इंपाउंड कर लिया गया। केडीएम स्कूल की भी बस को इंपाउंड किया गया। वही एसडीएम राजेश कुमार सोनी ने बताया कि महेंद्रगढ़ में एक दुखद हादसा हुआ है। प्राइवेट स्कूलों में बसों के हालातों को चेक करने के लिए अभियान शुरू किया गया है। जिसमें तीन प्राइवेट स्कूलों की छह बसों को इंपाउंड किया गया है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। नियमों की अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

