Karnal की असंध नगरपालिका के चेयरमैन सतीश कटारिया को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अयोग्य घोषित कर दिया है। आरोप हैं कि नगरपालिका का चुनाव लड़ने के लिए कटारिया ने 10वीं कक्षा की फर्जी डीएमसी का इस्तेमाल किया था। आप पार्टी की प्रत्याशी ने कटारिया की डीएमसी को लेकर आरटीआई लगाई, जिसमें फर्जी डीएमसी होने का खुलासा हुआ।
हाईकोर्ट के नोटिस की गाइडलाइन पर चुनाव आयोग ने 10 अप्रैल 2023 को चेयरमैन सतीश कटारिया को टर्मिनेट कर दिया। इसके बाद सतीश कटारिया ने हाईकोर्ट में अपील की।
सोनिया बोहत ने लड़ी हाईकोर्ट में अपनी लड़ाई
एडवोकेट सोनिया बोहत अपने वकील एडवोकेट जीएस संधू के साथ हाईकोर्ट में पेश हुई और कानूनी लड़ाई लड़ी। बीती 4 नवंबर को हाईकोर्ट में फाइनल आर्ग्युमेंट हुई। जिसके बाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद आज हाईकोर्ट की डबल बैंच ने अपना फैसला सुनाते हुए चेयरमैन सतीश कटारिया को अयोग्य घोषित कर दिया।
कई हजार वोट लेकर चेयरमैन बने थे सतीश कटारिया
2022 में नगर पालिका असंध का चुनाव हुआ। जिसमें सतीश कटारिया ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर चेयरमैन का नॉमिनेशन किया था। उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी कमलजीत लाडी को 553 वोट से हराया था और चेयरमैन बने थे। आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी एडवोकेट सोनिया बोहत भी चेयरमैन का चुनाव लड़ी थी। जिसमें इन्हें 1335 वोट मिले थे और चौथे स्थान पर रही थी। आपको बता दे कि पहले कटारिया ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में वे बीजेपी में शामिल हो गए थे।
आरटीआई से डीएमसी के फर्जी होने की पुष्टि
एडवोकेट सोनिया बोहत ने बताया कि जब नॉमिनेशन दाखिल किए जा रहे थे, तो उस दौरान उनकी नजर सतीश कटारिया की डीएमसी पर पड़ी थी। डीएमसी यूपी बोर्ड की थी। जिस पर फर्जी होने का शक हुआ। इलेक्शन में सतीश कटारिया जीत गए थे।
जिसके बाद सोनिया बोहत ने आरटीआई से डीएमसी के फर्जी होने की पुष्टि की। सोनिया बोहत का कहना है कि सतीश कटारिया ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके चुनाव लड़ा, जो नगरपालिका के नियमों और चुनाव आयोग के साथ धोखा था और इससे भी बड़ा धोखा असंध की जनता के साथ था। इसलिए ऐसे शख्स की सच्चाई सभी के सामने आनी चाहिए थी।





