Karnal में हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर किसान नेता सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) ने भूख हड़ताल का आयोजन किया। भाकियू ने सांकेतिक प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने एमएसपी गारंटी और अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है। भाकियू ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे उग्र प्रदर्शन कर सकते हैं।
करनाल में भाकियू के जिला प्रधान अजय राणा, किसान संदीप, छबैग सिंह, करपाल सिंह, हरमन सिंह, गुरजंत सिंह और अन्य ने कहा कि पिछले 11 महीनों से किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां वे अपनी फसल के लिए एमएसपी गारंटी और अन्य मांगों को मनवाना चाहते हैं। हालांकि, हरियाणा सरकार ने किसानों का रास्ता रोका हुआ है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया है कि जब वे आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं, तो उन पर आंसू गैस के गोले दागे जाते हैं और लाठियों से पीटा जाता है। खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिनकी तबीयत बेहद गंभीर हो चुकी है। बुजुर्ग शरीर है और सरकार उनकी स्थिति पर ध्यान नहीं दे रही है। उनके जीवन या मृत्यु से सरकार को कोई सरोकार नहीं है। अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी ग्रुप) भूख हड़ताल पर बैठी है।
किसानों की जायज मांगों को पूरा करने की सरकार से अपील की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक दिवसीय भूख हड़ताल है और सांकेतिक प्रदर्शन है। अगर सरकार की मांगें नहीं मानी जातीं, तो आगे उग्र प्रदर्शन का भी निर्णय लिया जा सकता है।