Karnal के काछवा गांव के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने इंसानियत को शर्मसार(shameful incident) कर दिया। एक ट्रक चालक(truck driver) ने एक दिव्यांग व्यक्ति(handicapped person) को अपने ट्रक से कुचल दिया और पुलिस को सूचित करने की बजाय उसके शव को पत्थरों के नीचे छुपा((hid the body)) दिया। घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है।
बताया जा रहा है कि हादसा उस वक्त हुआ जब 30 वर्षीय शीशपाल सुबह की सैर पर निकले थे। शीशपाल, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, पिछले 15 वर्षों से काछवा गांव में अपनी मां के साथ रह रहे थे। वह एक हाथ से दिव्यांग थे और उनकी अब तक शादी नहीं हुई थी। ट्रक चालक ने शीशपाल को कुचल दिया और घटना को छुपाने की कोशिश की। जब ग्रामीणों ने ट्रक को पलटा हुआ देखा, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक चालक की करतूत का खुलासा हुआ।

सदर थाना के SHO राजपाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलने पर वे तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। शीशपाल का शव पत्थरों के नीचे दबा हुआ पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शवगृह में भेज दिया।
इंसानियत को किया शर्मसार : पूर्व सरपंच
गांव के पूर्व सरपंच बिट्टू ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ट्रक चालक ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। ट्रक में चीनी की बोरियां थीं, जिन्हें बचाने के लिए चालक ने तिरपाल से ढक दिया था। चालक ने ट्रक को सीधा करवाने के लिए मजदूरों को बुलाया था, लेकिन जब मजदूरों ने शव को पत्थरों के नीचे दबा हुआ पाया, तो उन्होंने ट्रक सीधा करने से इनकार कर दिया। घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शीशपाल की मृत्यु से उसकी मां और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग इस कठिन समय में उनके साथ खड़े हैं और उन्हें सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं।
ट्रक चालक की गिरफ्तारी और पूछताछ
पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसा वास्तव में कैसे हुआ और चालक ने इस अमानवीय कृत्य को क्यों अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, चालक ने हादसे के बाद अपने कंडक्टर को अस्पताल भेज दिया, लेकिन शीशपाल के शव को छुपा दिया ताकि किसी को इस घटना की जानकारी न हो सके।







