Haryana विधानसभा का आज आखिरी सत्र है, जिसमें विपक्षी विधायकों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए हैं, जिन पर सदन में चर्चा होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मोर्चा संभाला। तीसरे दिन, जॉब सिक्योरिटी बिल पारित हुआ, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे।
विधानसभा में पारित किए गए दो विधेयकों को केंद्र सरकार ने मंजूरी नहीं दी थी। ये दोनों विधेयक पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में पारित कर केंद्र को मंजूरी के लिए भेजे गए थे। सोमवार को सरकार ने इन विधेयकों को वापस ले लिया और अब इन्हें आवश्यक बदलाव के साथ पेश किए जाने की संभावना है। हालांकि, सरकार ने इन विधेयकों को लेकर अपनी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं की है।
विधायकों ने दिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
विधानसभा सत्र के अंतिम दिन कांग्रेस विधायक आफताब अहमद, भारत भूषण बत्रा, गीता भुक्कल और इनेलो विधायक आदित्य चौटाला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिए हैं। इनमें कांग्रेस ने पब्लिक प्रॉपर्टी पर पोस्टरबाजी और इनेलो ने सौ-सौ गज के प्लॉट वाली कॉलोनियों में सुविधाओं की मांग को लेकर प्रस्ताव दिए हैं।
सदन में आज पारित होंगे 5 महत्वपूर्ण विधेयक
सदन में आज 5 महत्वपूर्ण विधेयक पारित होंगे, जिनमें हरियाणा विस्तार प्राध्यापक, अतिथि प्राध्यापक व हरियाणा तकनीकी शिक्षा अतिथि अध्यापकों की सेवा सुरक्षा, हरियाणा कृषि भूमि पट्टा विधेयक, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, हरियाणा GST विधेयक और हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2023 शामिल हैं।
हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2023 में राज्य में संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के कड़े प्रावधान किए गए हैं, जबकि कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है। वहीं, हरियाणा ऑनरेबल डिस्पोजल ऑफ डेड बॉडी बिल के तहत किसी शव के साथ प्रदर्शन, धरना या रोड जाम करने पर 6 महीने से 5 साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
हरियाणा विधानसभा में हुआ था हंगामा
हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक 2023 के पास होने के दौरान विधानसभा में हंगामा हुआ था। इस बिल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पारित करते समय कहा था कि यह विधेयक अस्थाई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देने के लिए लाया गया है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
विपक्ष ने एचकेआरएन के तहत ठेकेदारों के माध्यम से युवाओं की नौकरी पर सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री सैनी ने जवाब दिया कि उनकी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है, और 2 लाख नौकरियां इनके तहत दी जाएंगी।
सकारात्मक बदलाव की दिशा में सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चयन मानदंड में बदलाव किए गए हैं।





