Liquor will be expensive in Haryana,

Haryana में मंहगी होगी शराब, बढ़ेगें इतने दाम, 2 बजे के बाद नहीं खुलेगा ठेका

हरियाणा

Haryana की नायब सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी (2024-25) को मंजूरी दे दी है। इस पॉलिसी से राज्य में शराब के दामों में कुछ बढ़ोतरी होने के आसार है। ऐसा एसलिए किया गया है कि क्योंकि हरियाणा से सटे सीमावर्ती राज्यों में शराब की तस्करी नहीं हो पाए। नई पॉलिसी में शराब के ठेकों की संख्या बढ़ाने पर सहमति नहीं बन पाई। इसलिए सूबे में नई पॉलिसी के तहत शराब ठेकों की संख्या पहले की तरह 2400 ही रहेगी।

पंचकूला शहर में चंडीगढ़ की तर्ज पर आधी रात के बाद बार-रेस्टोरेंट खोलने के लिए अलग से फीस तय की गई है। गुरुग्राम में मैरिज पैलेस में फंक्शन के लिए शराब खरीदने के लिए तीन ऑब्शन रखे गए हैं, इससे पहले यहां पर दो आब्शन मौजूद थे और लोगों से मंहगे दाम वसूले जा रहे थे।

12 सौ करोड़ रेवेन्यू का टारगेट

कैबिनेट मीटिंग में आबकारी नीति को मंजूरी देते हुए 2024-25 के लिए 1200 करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। आबकारी विभाग ने पिछले वर्ष के 1100 करोड़ रुपए के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है।

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2024-25 के लिए आईएमएफएल का अधिकतम मूल कोटा 700 लाख प्रूफ लीटर और देशी शराब का अधिकतम मूल कोटा 1200 लाख प्रूफ लीटर होगा। आईएमएफएल और देशी शराब के लिए 2023-24 में शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली को आयातित विदेशी शराब पर भी लागू किया जाएगा।

महंगी होगी देसी-विदेशी शराब

सूबे में शराब के कारोबार को बढ़ाने के लिए एक्साइज विभाग द्वारा विदेशी शराब ब्रांडों की न्यूनतम खुदरा बिक्री कीमतें तय की जाएंगी। 12 जून 2024 से शुरू होने वाले अगली नीति वर्ष में आईएमएफएल और देशी शराब पर उत्पाद शुल्क में मामूली वृद्धि होगी। नई आबकारी नीति के लिए राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग से परमिशन ली थी। आयोग ने शर्तों के साथ सरकार को पॉलिसी मंजूर करने की सहमति दी थी। आयेाग की शर्तों के चलते ही पुरानी पॉलिसी में अधिक बदलाव नहीं किया गया है। पुरानी पॉलिसी 12 जून तक के लिए थी। ऐसे में नई पॉलिसी इसी दिन से लागू होगी।

विदेशी शराब को भी ट्रैक करेगा विभाग

देशी शराब के कोटे में बढ़ोतरी की है। हरियाणा व भारत में बनी शराब की तर्ज पर अब विदेशी शराब भी ट्रैक एंड ट्रेसिंग सिस्टम के दायरे में आएगी। शराब को कांच की बोतलों में ही बेचने को लेकर पूर्व में हो चुके विवाद के चलते कैबिनेट ने दोनों तरह के ऑप्शन रखे हैं। यानी कांच और प्लास्टिक दोनों तरह की बोतलों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

शराब बनाने वाली डिस्टलरी में 31 जुलाई तक फ्लो मीटर अनिवार्य रूप से लगाने होंगे। इतना ही नहीं, पूरा प्लांट सीसीटीवी कैमरों से कवर करना होगा। इसका कंट्रोल विभाग के पास भी रहेगा। शराब की हर बोतल पर क्यू आर कोड होगा ताकि अवैध शराब के कारोबार को रोका जा सकते और पारदर्शिता बनी रहे।

27 मई से शुरू होगा ठेकों का अलाटमेंट

चुनाव आयोग ने इस शर्त के साथ सरकार को आबकारी नीति लागू करने की मंजूरी दी है कि इसका किसी भी तरह से प्रचार-प्रसार नहीं किया जाएगा। सरकार को दो-टूक कहा है कि राजनीतिक फायदे के लिए इसका प्रचार-प्रसार नहीं हो सकेगा। नये ठेकों की अलॉटमेंट के लिए नीलामी 27 मई से शुरू होगी। नई नीति में खुदरा एल-2/एल-14ए दुकानों की अधिकतम संख्या पहले की तरह समान रहेगी।

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