JaidevMurderCase: हरियाणा के पानीपत शहर के सेक्टर 18 में आठ साल पहले हुए जयदेव हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में मोस्ट वांटेड गैंगस्टर को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इस कुख्यात अपराधी पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित था।
एनकाउंटर का बदला लेने की थी साजिश
करनाल निवासी जयदेव की हत्या 2017 में दिन-दहाड़े गोलियों से भूनकर की गई थी। हत्या के पीछे मुख्य कारण जयदेव पर लगा मुखबिरी का शक था। गैंगस्टर जोगेंद्र को संदेह था कि जयदेव ने उसके भाई सुरेंद्र ग्योंग की पुलिस को मुखबिरी की थी, जिसके चलते अप्रैल 2017 में पुलिस ने सुरेंद्र का एनकाउंटर कर दिया था। सुरेंद्र ग्योंग उस समय प्रदेश में आतंक का पर्याय बन चुका था।
पार्टी में शामिल होने आया, पर लौट नहीं पाया
30 दिसंबर 2017 को मधुबन में इंस्पेक्टर जिले सिंह की सेवानिवृत्ति पार्टी थी, जिसमें जयदेव अपनी पत्नी, बेटे और ससुर के साथ शामिल होने आया था। दोपहर करीब तीन बजे हमलावरों ने जयदेव को मकान से 150 मीटर दूर रोककर ताबड़तोड़ 13 गोलियां मारीं। माथे, चेहरे, गर्दन, सीने और पेट में गोलियां लगने से जयदेव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि हमले के दौरान उसकी लाइसेंसी पिस्तौल उसके कूल्हे पर ही टंगी रह गई और वह आत्मरक्षा भी नहीं कर पाया।
हत्या के पीछे का गहरा षड्यंत्र
जयदेव की हत्या के बाद पुलिस ने जोगेंद्र, करनाल के पार्षद भाग सिंह, उसके भाई सुशील और अन्य तीन-चार लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया था। सुरेंद्र के एनकाउंटर के बाद जोगेंद्र बदला लेने के लिए पैरोल पर आया और जयदेव की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस की सतर्कता के बावजूद हत्या
जयदेव ने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन पुलिस ने एहतियातन उसकी कोठी के बाहर पीसीआर तैनात कर रखी थी। उसे आत्मरक्षा के लिए रिवॉल्वर का लाइसेंस भी मिला था, लेकिन हत्या के समय वह इसे इस्तेमाल नहीं कर सका। अब इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर को पुलिस ने दबोच लिया है, जिससे पूछताछ जारी है।

