नारनौल के निजामपुर गांव में हुई एक शादी के बाद असमंजस मच गया। खाने के समय दूल्हा और दुल्हन के बीच एक मामले पर विवाद उत्पन्न हुआ। उन्होंने काजू की बर्फी के बारे में बहस की और इस बहस ने शादी को फिर से उजाड़ दिया। दूल्हा और दुल्हन दोनों ने अलग अलग रास्ते चुन लिए।
लड़की के परिवार का कहना है कि लड़का अचानक से फॉर्च्यूनर कार की मांग की और जब उसकी मांग पूरी नहीं हुई तो उसने लड़की को धमकाकर ले जाने की बात कही। जिसके बाद पंचायत और पुलिस की सहायता से मामला सुलझाया गया। फिर शादी नहीं होने का निर्णय लिया गया, लेकिन लड़के पक्ष को 65 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ा। घटना के बाद स्थिति बहुत उदास और तनावपूर्ण हो गई, लेकिन परिजनों और पुलिसकर्मियों द्वारा मामले में बढ़ते विवाद को सुलझाने की कोशिश की गई। जब परिजनों ने लड़के को समझाने की कोशिश की, तो उन्होंने बताया कि उन्हें शादी करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह शादी नहीं करनी चाहिए थी, परन्तु उनके परिवार ने शादी को तय कर दी।

पंचायत में लिया गया निर्णय
लड़की के परिवार ने कहा कि लड़के ने अचानक शादी के बाद फॉर्च्यूनर कार की मांग की, जो उन्होंने पूरी नहीं की। उनके कहने के अनुसार लड़के ने दहेज में शामिल किया सामान भी मांगा था और इसके बावजूद भी वह अधिक मांग कर रहा था।बुजुर्गों की पंचायत बुलाई गई, जिसमें निर्णय लिया गया कि शादी नहीं होगी।

शादी के खर्च सहित 11 लाख गौशाला को दान
पंचायत में रखा गया कि शादी के खर्च का जितना भी खर्च हुआ है, वह सब लड़के पक्ष को देना होगा और इसके अलावा 11 लाख रुपये की गौशाला को दान करना होगा। पुलिस को भी मामले की शिकायत प्राप्त हुई और मामले में जांच शुरू की। लेकिन विवाद को सुलझाने के बाद दोनों पक्षों के सहमति से मामला निपटाया गया।


