Kisan Andolan 2 Live Updates : हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर करीब 5 दिन से अपनी मांगों को लेकर डेरा जमाए पंजाब के किसानों ने अब आंसू गैस के गोलों से निपटने की तैयारी कर ली है। किसान प्रशासन की एक के बाद एक रणनीति पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। अब किसानों ने एक ऐसा बड़ा ब्लोअर तैयार किया है, जो आंसू गैस के गोलों के धुएं का रूख वापस प्रशासन की तरफ मोड़ रहा है। इसके साथ ही पानी की बौछार भी की जा रही है।
गौरतलब है कि किसान आंदोलन का शनिवार को 5वां दिन जारी है। पंजाब के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने की जिद पर अड़े हैं। ऐसे में हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पर मोर्चा संभाला गया है। माना जा रहा है कि इस आंदोलन के दौरान आंसू गैस के धुएं से दम घुटने के कारण गुरदासपुर के किसान ज्ञान सिंह और पानीपत के समालखा जीआरपी थाना के सब इंस्पेक्टर हीरालाल की मौत हो चुकी है। जहां प्रशासन किसानों को रोकने के लिए आए दिन नई-नई रणनीति तैयार कर रहा है, वहीं किसान भी उस रणनीति को फेल करने में पीछे नहीं है। किसानों की ओर से जहां पहले ड्रोन को लेकर गुलेल और पतंगबाजी का प्रयोग किया गया, वहीं अब उन्होंने आंसू गैस के गोलों से निकलने वाले धुएं से भी अपने बचाव का तरीका ढूंढ निकाला है।

पंजाब के किसानों ने आंसू गैस के धुएं से बचने के लिए एक ऐसे बड़े ब्लोअर को तैयार किया है, जो धुएं का रूख वापस प्रशासन की ओर मोड़ रहा है। किसान पुलिस प्रशासन की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़ने पर इस ब्लोअर का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही आंसू गैस के गोलों से बचने के लिए पानी की बौछारें भी की जा रही हैं। इससे आंसू गैस के गोले शांत हो रहे थे। इसके अलावा कीटनाशकों का छिड़काव करने वाली टंकियों के माध्यम से पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।

इससे पहले किसानों ने आंसू गैस के गोलों से निपटने के लिए अपनी रणनीति बनाई और जूट की बोरियां मंगवाकर उनको पानी में भिगो लिया। इसके बाद इन बोरियों को लेकर किसान आगे बढ़ने लगे। इसके साथ ही ट्रैक्टरों पर पानी से भरी टंकियां भी रख लीं और उससे फव्वारा बनाकर आंसू गैस के गोलों की तरफ छोड़ने लगे। जब भी कोई आंसू गैस का गोला नीचे गिरता तो किसान उस पर तुरंत गीली बोरियां डाल देते।

इसके अलावा जब आसमान में ड्रोन आते तो किसान उसकी तरफ पतंग उड़ाने लग जाते। जब ड्रोन की तरफ किसान पतंग उड़ाते तो पुलिस अपने ड्रोन को पीछे खींच लेती। इसके अलावा किसानों ने पुलिस से बचने के लिए एक और तरीका अपनाया। उन्होंने एक टंकी में मिर्ची पाउडर भरा और उस पर मोटर लगाकर पुलिस कर्मचारियों की तरफ फेंकना शुरू कर दिया। इससे पुलिस कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई। जिसके बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज भी किया गया।