नूंह : पुन्हाना थाने के गांव शमशाबाद खेंचेतान में हुई भतीजे की हत्या के मामले में अतिरिक्त सेशन जज संदीप कुमार दुग्गल ने बाप-बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उन्होंने दोनों को 52 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर दोनों दोषियों को अतिरिक्त सजा भी होगी।
मामले में 16 नवंबर 2017 को साद नाम के युवक की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुन्हाना पुलिस ने हसन पुत्र रुजदार की शिकायत पर शमशू, तालीम, सादिल, जरीना, राजिदा और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कुछ समय बाद ही पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। शमशू, तालीम और जरीना को जेल भेज दिया गया था, जबकि एक लड़का और एक लड़की के नाबालिग होने पर उनको सुधार घर फरीदाबाद भेज दिया गया था। जरीना को कुछ समय बाद ही जमानत मिल गई थी, जबकि शमशू और तालीम पिछले 6 साल से ही जेल में बंद थे। शमशू पुन्हाना विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है।

अतिरिक्त सेशन जज ने सुनाई ये सजा
नूंह के अतिरिक्त सेशन जज संदीप कुमार दुग्गल ने धारा 302 के तहत दोषी शमशू और तालीम को उम्रकैद, 10-10 हजार जुर्माना, धारा 307 में 10-10 साल की सजा, 5-5 हजार जुर्माना, धारा 325 के तहत तीन-तीन साल की सजा और तीन-तीन हजार जुर्माना, धारा 323 के तहत एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार का जुर्माना, धारा 148 के तहत दो-दो साल की सजा और दो-दो हजार जुर्माना लगाया। आर्म्स एक्ट के तहत दोनों दोषियों को दस-दस साल की सजा और 5-5 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोनों दोषियों को अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
ये था मामला
मामले में हसन पुरी रुजदार ने शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा कि मेरा छोटा भाई नसरु सुबह के समय करीब 7 बजे अपने खेतों की सिंचाई के लिए गया था। मेरे बीच वाले भाई शमशू ने नाला के पास मछलियों का तालाब किया हुआ है। जब नसरु अपने खेत में पानी सिंचाई करने लगा तो शमशू ने उसके साथ मारपीट की।

नसरु के साथ मारपीट होने के बाद बेटों के साथ खेत पर पहुंचा, जिस पर नसरु के साथ मारपीट होने के बारे में मुझे पता लगने पर मेरे लड़के राशिद पुरी, नसरु व मेरे लड़के शाद व जावेद मौके पर पहुंचे तो शमशू व उसके लड़के तालीम, सादिल तथा उसकी पत्नि जरीना व लड़की राजीदा उर्फ रज्जी और 2 अन्य व्यक्ति देसी कट्टा, लाठी, सरिया डंडों से लैस होकर अपनी जोहड़ पर बने कोठडा से निकले और शमशू ने शाद पर सीधा कट्टा से फायर किया, जिससे शाद घायल होकर गिर गया। उसके बाद तालीम ने भी शाद को कट्टा से गोली मारी, सादिल ने जावेद को गोली मारी तथा उसके बाद इन सभी ने राशिद व जावेद को लाठी-डंडों व सरियों से बुरी तरह से चोटें मारी और बुरी तरह से घायल कर दिया। शाद की इलाज के दौरान मौत हो गई।