➤ओलंपियन शूटर मनु भाकर ने खेल प्रबंधन में आईआईएम रोहतक से आगे की पढ़ाई शुरू की
➤परिवार ने मनु के इस फैसले का समर्थन किया, खेल के बाद करियर के लिए बिजनेस सीखना है मकसद
➤मनु की फोकस शूटिंग वर्ल्ड कप तैयारी पर, 2027-28 में भारत में होगा आयोजन
हरियाणा की चर्चित ओलिंपिक पदक विजेता और निशानेबाजी की स्टार खिलाड़ी मनु भाकर ने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उन्होंने रोहतक के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में एडमिशन लिया है। यह कोर्स खेल और प्रबंधन के मेल से जुड़ा है, जिससे मनु खेल के बाद अपने करियर को नई ऊँचाइयों पर ले जाना चाहती हैं। आगामी एक माह में उनकी इस एडमिशन प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
मनु भाकर ने यह खास कोर्स इसलिए चुना है ताकि खेल के बिजनेस और प्रबंधन से जुड़ी बारीकियों को समझकर भविष्य में खेल क्षेत्र में बेहतर योगदान दे सकें। परिवार ने भी उनके इस फैसले का पूरा समर्थन किया है। मनु झज्जर जिले के गोरिया गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झज्जर के यूनिवर्सल स्कूल से प्राप्त की, जो उनके चाचा द्वारा संचालित है। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन और पंजाब विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।
2024 पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने निशानेबाजी में डबल ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। इसी साल जनवरी में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। वर्तमान में मनु अपनी अगली बड़ी चुनौती यानी 2027-28 में भारत में होने वाले शूटिंग वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटी हैं, जिसमें वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मनु के पिता रामकिशन भाकर ने बताया कि मनु ने हमेशा अपनी पढ़ाई को भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि मनु ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की, क्योंकि वहां महिला कॉलेज होने के कारण मनु को सुरक्षा और सुविधा मिलती थी। बाद में उन्होंने मास्टर डिग्री भी हासिल की, जिसमें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय चुना। पिता ने कहा कि परिवार ने हमेशा मनु के फैसलों का सम्मान किया है और आगे की पढ़ाई में उनका पूरा साथ देगा।
मनु की मां सुमेधा भाकर ने कहा कि वे अपनी बेटी पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डालतीं और मनु ने खुद सही मार्ग चुना है। मां ने बताया कि फिलहाल मनु अपनी प्रैक्टिस में इतनी व्यस्त रहती हैं कि खाने-पीने का भी ध्यान कम रहता है। लेकिन वे खुश हैं कि मनु ने खेल से जुड़े क्षेत्र में अपनी शिक्षा जारी रखने का निर्णय लिया है।
मनु के भाई अखिल भाकर जो दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि मनु ने देश की कई यूनिवर्सिटीज से स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कोर्स की जानकारी हासिल करने के बाद रोहतक के IIM को चुना है। उनके अनुसार, रोहतक में यह कोर्स विशेष रूप से उपलब्ध है और मनु के लिए यह बेहतर विकल्प है।
मनु भाकर की यह पहल न केवल खेल के क्षेत्र में उनकी गहराई को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि वे खेल के बाद अपने करियर को लेकर कितनी जागरूक हैं। उनके इस कदम से कई युवा खिलाड़ी प्रेरित होंगे जो खेल के साथ-साथ अपनी पढ़ाई को भी प्राथमिकता देना चाहते हैं।
इसके अलावा, मनु 2027-28 में भारत में होने वाले ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप और जूनियर निशानेबाजी विश्व चैंपियनशिप के लिए भी तैयारी कर रही हैं। यह प्रतियोगिताएं नई दिल्ली में आयोजित होंगी, जिसमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन जैसी स्पर्धाएं होंगी। मनु का लक्ष्य है कि वे इन प्रतियोगिताओं में देश के लिए उच्चतम प्रदर्शन करें और देश का नाम गर्व से रोशन करें।
मनु भाकर के इस समर्पण और तैयारी को देखते हुए हरियाणा और भारत दोनों ही उन्हें आने वाले समय में और बड़े मंचों पर सफलता दिलाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनके परिवार का भी कहना है कि फिलहाल मनु की शादी को लेकर कोई योजना नहीं है और वे अभी पूरी तरह से अपनी खेल और पढ़ाई पर फोकस कर रही हैं।
यह कहानी एक ऐसी युवा खिलाड़ी की है जो न केवल खेल में बल्कि शिक्षा और करियर दोनों में उत्कृष्टता पाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है, जो सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

