हरियाणा में आबकारी कराधान विभाग ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम शुरू की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसे लागू करने का निर्णय लिया है। इस स्कीम के अंतर्गत अगर किसी के पास 50 लाख रुपए से कम अनिश्चित कर है, तो उसे 30 प्रतिशत और 50 लाख से अधिक है, तो 50 प्रतिशत तक का टैक्स भुगतान करना होगा।
मुख्यमंत्री ने इस स्कीम को लोगों के सहयोग के लिए शुरू किया है, ताकि विवादों का समाधान हो सके। सीएम ने बताया कि हरियाणा टैक्स कलेक्शन में अन्य राज्यों से आगे है। वह इस नई स्कीम के माध्यम से विभिन्न टैक्स संबंधित समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। गुरुग्राम में इस स्कीम की शुरुआत के दौरान, मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ने इस पर विचार किया। टैक्स संबंधित फैसले में यह निर्णय लिया गया कि जो लोग अनिश्चित कर के अपील नहीं करते, उन्हें कोई पेनल्टी या ब्याज नहीं देना होगा। 50 लाख से कम की राशि पर 40 प्रतिशत और 50 लाख से अधिक पर 60 प्रतिशत टैक्स देना होगा।

वहीं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि इस समय में व्यापारियों की दो मांगें पूरी हुई हैं। उन्होंने बताया कि वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के माध्यम से सूचना और समस्याओं के लिए चैट बॉट और बूथ भी बनाए जा सकते हैं। टैक्स कलेक्शन में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें लोगों का सहयोग बड़ा योगदान दिया है। डिप्टी सीएम ने बताया कि हरियाणा में टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य 66000 करोड़ रुपए है। वहां नये कानून और प्रावधान लाए गए हैं जैसे मेरा बिल मेरा अधिकार जो हरियाणा को पहला राज्य बनाता है।

