Haryana News : हरियाणा के जिला पलवल के गांव हथीन लखनाका में बुधवार की रात तेज हवा के कारण जल रही मोमबत्ती से परचून की दुकान में आग लगने से झुलसे 3 बच्चों की मौत हो गई। तीनों का उपचार नूंह स्थित नल्लड मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, जहां से उन्हें दिल्ली सफदरजंग के लिए रैफर कर दिया गया था, जहां तीनों बच्चों की मौत हो गई। गांव में एक साथ हुई 3 बच्चों की मौत के बाद मातम पसर गया है। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में पहुंचकर लोगों के बयान लिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार गांव लखनाका निवासी खलील अहमद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने गांव में परचून की दुकान खोली हुई है। बुधवार शाम को वह दुकान पर अपने पुत्र हुजैफा और बेटी सामरीन को छोड़कर नमाज पढ़ने के लिए गया था। उनके बच्चों के पास याकूब का पुत्र मोहम्मद खान भी मौजूद था। इस दौरान अचानक बिजली चली गई। जिसके बाद बच्चों ने दुकान में रखी मोमबत्ती जला ली। इस दौरान अचानक तेज हवा चलने लगी और हवा के झौंके से मोमबत्ती गिर गई। जिसके कारण दुकान में आग लग गई। दुकान में मौजूद हुजैफा, सामरीन और मोहम्मद खान एकाएक लगी आग से घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन भागने से पहले ही वह आग की लपेटों के कारण झुलस गए।
वहीं दुकान में आग लगते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए, जिन्होंने बच्चों को दुकान से बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए तुरंत नूंह स्थित नल्लड अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं लोगों ने दुकान पर लगी आग पर काफी देर बाद काबू पाया। इसके बाद नलहड़ मेडिकल कॉलेज से तीनों बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पाल भेज दिया गया। जहां तीनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चों की मौत की सूचना मिलने के बाद गांव लखनाका में मातम छाया हुआ है।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को तीनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम एम्स अस्पताल में किया गया। मौके पर हथीन थाना से जांच अधिकारी सुभाष पहुंचे। उन्होंने आग लगने के कारणों के बारे बताया कि आग इत्तफाक से लगी है। परिवार के लोगों ने कोई संदेह व्यक्त नहीं किया है। ग्रामीण ही नहीं आसपास के गांवों के लोग मृतक बच्चों के घर शोक व्यक्त करने पहुंच रहे हैं। गांव निवासी इशाक खान ने सरकार से मांग की है कि परचून दुकान चलाने वाले खलील और याकूब के बच्चों की मौत पर आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि खलील का आय का साधन परचून की दुकान थी, जो जलकर पूरी तरह से खाक हो गई और दोनों बच्चों की भी मौत हो गई। गांव निवासी सरफुद्दीन ने भी सरकार से पीड़ित परिवारों को यथाशीघ्र सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

