Haryana के मत्स्य विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर तैनात HCS अधिकारी मीनाक्षी दहिया(Meenakshi Dahiya) पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ा खुलासा(Big revelation) किया है। ACB का कहना है कि मीनाक्षी दहिया ने अपनी स्कूटी का इस्तेमाल कर चौकीदार(watchman) को जिला मत्स्य अधिकारी से 1 लाख रुपये रिश्वत लेने के लिए भेजा था।
बता दें कि मीनाक्षी दहिया 29 मई से अंडरग्राउंड हैं और अभी तक ACB की पकड़ में नहीं आई हैं। उनका फोन बंद है और उनकी लोकेशन का भी पता नहीं चल पा रहा है। पंचकूला की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। ACB ने अदालत में दावा किया है कि वह स्कूटी, जिसका उपयोग रिश्वत लेने के लिए किया गया था, मीनाक्षी दहिया के नाम पर ही रजिस्टर्ड है। मत्स्य विभाग के चपरासी सतिंदर सिंह को लेकर भी ACB ने बड़े खुलासे किए हैं। ACB का कहना है कि सतिंदर सिंह शहरी स्थानीय निकाय विभाग का कर्मचारी है, लेकिन वह मीनाक्षी दहिया के घर पर काम करता था। सतिंदर सिंह की नियुक्ति 2020 में HSVP में हुई थी।

सतिंदर सिंह ने दावा किया है कि उसे जिला मत्स्य अधिकारी राजन खोरा से किसी आधिकारिक काम के लिए पैसे लेने के लिए भेजा गया था। इसके अलावा, स्टेनोग्राफर जोगिंदर सिंह को भी बिचौलिए के तौर पर काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
मीनाक्षी और राजन की बात की रिमॉर्डिंग
ACB के पास मीनाक्षी दहिया और राजन खोरा के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है। रिकॉर्डिंग के मुताबिक मीनाक्षी दहिया ने काम हो जाने के बाद खोरा को व्हाट्सएप कॉल किया था, जिसमें खोरा ने आश्वासन दिया था कि उसी दिन आदेश जारी किए जाएंगे। चार्जशीट वापस लेने के बाद जब खोरा 19 अप्रैल को आभार व्यक्त करने के लिए दहिया के कार्यालय गया, तब उनकी बातचीत रिकॉर्ड की गई थी।

किसी भी नोटिस का नहीं दिया जवाब
अदालत को सौंपी गई प्रतिलिपि में यह भी दिखाया गया है कि जोगिंदर के साथ खोरा ने 1 लाख रुपये की राशि तय की थी और खोरा ने कहा था कि वह अपनी सुविधानुसार इसका प्रबंध कर सकता है, क्योंकि उसे कोई जल्दी नहीं है। इन सबूतों के आधार पर ACB ने मीनाक्षी दहिया को नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि वह इस भ्रष्टाचार के मामले में पूछताछ के लिए उपस्थित हों। ACB ने मीनाक्षी दहिया के घर भी नोटिस भेजा है, लेकिन वह वहां से फरार बताई जा रही हैं। अभी तक उन्होंने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है।