Chandigarh में लोकसभा(Lok Sabha) चुनाव में शिरोमणि अकाली दल(Shiromani Akali Dal) अब उम्मीदवार(Candidate) नहीं लाएगी। उन्होंने अपनी पार्टी के उम्मीदवार को वापस लौटा दिया है। हालांकि पिछले दिनों में उन्होंने आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
यह फैसला लेते समय उन्होंने अपनी पार्टी के सभी इकाइयों को भी तोड़ दिया है। इस कारण से अब चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल का कोई नेतृत्व नहीं है। शिरोमणि अकाली दल के पार्षद के रूप में उम्मीदवार होने वाले एक नेता ने पार्टी के टिकट(Ticket) को वापस लौटा दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी का सहयोग नहीं मिल रहा है। वह किसान का बेटा है और एकलौते पार्षद के रूप में तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने चुनाव से पहले पार्टी से सहयोग की मांग की थी, लेकिन उन्हें वह नहीं मिला।
चंडीगढ़ की मेयर रही हरजीत कौर को भी पार्टी ने निष्कासित कर दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह शिरोमणि अकाली दल के साथ हैं और आज भी उसी पार्टी के सदस्य हैं। हरजीत कौर ने 2007 में पार्टी की तरफ से मेयर चुनी गई थी और चार बार काउंसलर रह चुकी हैं। उन्हें पार्टी की तरफ से अलग किए जाने के बारे में बयान देते हुए उन्होंने कहा कि वह शिरोमणि अकाली दल के साथ हैं।







