हरियाणा के जिला पानीपत में मध्यप्रदेश स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मेरे हिंदुओं तुम जात-पात में मत बंटना, अब समय भागने का नहीं, जागने का है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब दीया ही नहीं रहेगा तो बाती का क्या करोगे। धर्म ही नहीं बचेगा तो जाति का क्या करोगे। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो जन संतों और धर्म का सम्मान करेगा, बागेश्वर धाम महाराज उनके सभी दुखों को हर लेंगे।
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री रविवार देर शाम को पानीपत के सेक्टर-25 स्थित हुडा मैदान में आयोजित भगवान श्रीराम कथा महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उन्हें पता है कि यहां इतनी भीड़ सिर्फ पर्चा भरवाने के लिए पहुंची है, लेकिन हम तुमझे ज्यादा बदमाश निकले। उन्होंने भारी भीड़ को देखकर कहा कि तुम पर्चा के चक्कर में आए और हमने बाला जी महाराज की चर्चा पकड़ा दी। उन्होंने कहा कि पर्चा से कुछ लोगों का भला होना है और हनुमान जी से सभी का भला होगा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सामूहिक ध्यान करवाते हुए बालाजी के कृपा के 3 उपाय भी बताए।

उन्होंने कहा कि जीवन में कभी प्यास-लहसुन और मास-मदिरा का कभी सेवन नहीं करना। बागेश्वर धाम में महीने-दो महीने में अर्जी जरूर लगाना तो सभी के बिगड़े काम पूर्ण हो जाएंगे। सामूहिक ध्यान के दौरान पंडि़त धीरेंद्र शास्त्री ने पंडाल में प्रेत भी बुलाया।

कार्यक्रम की भारी भीड़ को देखते हुए आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। इसके अलावा पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी सही तरीके से इंतजाम किया गया। धीरेंद्र शास्त्री के प्रवचन में कार्यक्रम में उम्मीद से भी अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सभी लोग उनके प्रवचन से अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव करने की आशा रख रहे थे। वहीं महिलाएं भजन गुनगुनाती हुई नजर आई।


