हजरत ख्वाजा हाफिज शम्सुद्दीन शाह विलायत साहब तुर्क पानीपत के तीन दिवसीय सालाना उर्स मुबारक के आखरी दिन अंजुमन गुलामाने चिश्तिया साबरिया वैलफेयर सोसायटी अध्यक्ष सज्जादानशीन व मुतवल्लि सय्यद ख्वाजा मेराज हुसैन साबरी की जेरे सरपरस्ती में बाद नमाज फजर कुरान खानी व हल्का ए जिक्र हुआ। सुबह 10 बजे कुल शरीफ हुआ। जिसके बाद सय्यद ख्वाजा मेराज हुसैन साबरी ने देश में अमनो-अमान, शांति, खुशहाली एवं भाईचारे के लिए दुआ कराई।
वहीं उर्स में आए हुए सूफी संतों व सेवादारों को पगडी व चादर पहनाकर सम्मानित किया गया। बाद कुल शरीफ लंगर व तबर्रूक तकसीम करके उर्स का समापन किया गया। इस अवसर पर सय्यद ख्वाजा मेराज हुसैन साबरी ने बताया कि यह हजरत ख्वाजा हाफिज शम्सुद्दीन शम्सुलअर्ज शाह विलायत तुर्क पानीपती का 744वां उर्स मुबारक है, जो कि हर साल अंजुमन गुलामाने चिश्तिया साबरिया वैलफेयर सोसायटी के जेरे इंतेजाम मनाया जाता है। जिसमें देश-विदेश व दूर-दराज से भारी संख्या में अकीदतमंद-जायरीन आते है। जिनके रहने व खानी-पीने की व्यवस्था भी सोसायटी द्वारा की जाती है।

इस मौके पर दरगाह के मुख्य खादिम सय्यद हामिद हुसैन साबरी, शाकिर अली अंसारी एडवोकेट, सुरेश कुमार कागड़ा, एस.एम अकरम, सूफी इसरार, माजिद, कारी नसीम साबरी, अन्नु साबरी, वसीम, इसरार, रिम्मी शर्मा, मा. आलम, मा. सिराज, फहीम, आमिर, सलमान, अयान आदि मौजूद रहे।


