Panipat Civil Hospital accused of negligence, a person had fallen from the roof under suspicious circumstances, the ambulance reached in about one and a half to 2 hours

पानीपत के Civil Hospital पर लगा लापरवाही का आरोप, संदिग्ध परिस्थितियों में छत से गिरा था व्यक्ति, करीब डेढ़ से 2 घंटे में पहुंची Ambulance

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पानीपत के भारत नगर में संदिग्ध परिस्थितियों में छत से सिर के बल गिरने से जय नारायण नाम के व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक जय नारायण के छोटे छोटे बच्चों ने आरोप लगाया है कि उनके पिता अरुण नाम के व्यक्ति के पास बैठकर ड्रिंक कर रहे थे। जिस दौरान अरुण नाम के व्यक्ति के दोस्त ने उनके पिताजी का गला पकड़ा था और मारपीट करने की धमकी दी थी। जिसके बाद से उनके पिताजी टेंशन में थे और जिस वक्त वह घर पर दीपावली के उपलक्ष में बम पटाखे जला रहे थे तो अचानक उनके पापा छत पर पहुंचे और नीचे गिर पड़े।

इसके बाद आनन आनन में एंबुलेंस को फोन किया लेकिन एंबुलेंस करीब डेढ़ से 2 घंटा लेट पहुंची। इतना ही नहीं बच्चों ने आरोप लगाया की लेट एम्बुलेंस पहुंचने के बाद भी ना तो एंबुलेंस में कोई डॉक्टर था और ना ही सिविल अस्पताल में पहुंचने के बाद उनके पिताजी का कोई उपचार किया गया।

1 घंटे तक एंबुलेंस में तड़पता रहा मृतक, पर नहीं हुआ इलाज

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उन्होंने बताया कि उनके पिताजी एंबुलेंस में करीब एक घंटा तक पड़े रहे लेकिन किसी ने कोई उपचार नहीं किया यह कहते रहे कि डॉक्टर नहीं है और थोड़ी देर बाद मृत घोषित कर पोस्टमार्टम हाउस में उनके पिताजी को रखवा दिया। मृतक जयनारायण के बेटे भविष्य ने बताया की सिविल अस्पताल में पहुंचने के बाद भी उनके पिताजी जीवित थे और उन्होंने उनका हाथ पकड़ा हुआ था और उनसे कहा था कि वह उन्हें बचा ले लेकिन किसी ने कोई इलाज नहीं दिया।

पापा एक बार आ जाओ, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ – मृतक का बेटा भविष्य

वह वहां मौजूद लोगों से कहते भी रहे कि हम अपने पिताजी को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाएंगे लेकिन किसी ने जाने नहीं दिया। मृतक जयनारायण के बेटे भविष्य ने बताया अगर एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती और उनके पिताजी को उपचार मिल जाता तो आज वह जिंदा होते। पिता की मौत के बाद सिविल अस्पताल में मौजूद मृतक जयनारायण के बेटे भविष्य और बेटी नव्या का रो-रो कर बुरा हाल है बेटा भविष्य कह रहा था पापा एक बार आ जाओ, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ।

बच्चों की मां उन्हे बचपन में ही चली गई थी छोड़कर

आपको बता दें कि मृतक जयनारायण की पत्नी बचपन में ही बच्चों को छोड़कर चली गई थी जिसकी बाद में मृत्यु भी हो गई थी अब अचानक बच्चों के सिर से बाप का साया भी उठ जाने से बच्चों के पालन पोषण और रोटी कपड़े का भी संकट आ गया है। दोनों बच्चों के रिश्तेदार और पड़ोसी पूरे मामले को लेकर न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

पड़ोसियों और रिश्तेदारों का कहना है कि वह अच्छे इंसान थे और बच्चों की मां के जाने के बाद जूतियां की दुकान चलाकर वही बच्चों की परवरिश कर रहा था। पड़ोसियों का कहना था कि अब इन बच्चों का क्या होगा अब कौन इनको पालेगा। मृतक जयनारायण के रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने बच्चों के भविष्य की खातिर मुआवजे की मांग भी की है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

फिलहाल मृतक जयनारायण के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस में रखवा दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब देखने वाली बात होगी पुलिस पूरे मामले को लेकर क्या कार्रवाई करती है और बच्चों के भविष्य को लेकर क्या कदम उठाती है। वही विश्वकर्मा डे के दिन सरकारी छुट्टी होने की वजह से पानीपत के सीएमओ से टेलिफोनिक बातचीत की गई उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है।