Sant Nirankari Mission

Sant Nirankari Mission : 24वां निरंकारी बाबा गुरबचन सिंह मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट संपन्न, श्रीगंगानगर टीम बनी विजेता, निरंकारी युवाओं ने दर्शाई भाईचारे की भावना

पानीपत

(समालखा से अशोक शर्मा की रिपोर्ट) Sant Nirankari Mission : सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित की अनुकंपा से 24वें निरंकारी बाबा गुरबचन सिंह मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा ग्राउंड में किया गया। जिसका शुभारंभ 25 फरवरी को किया गया था। इस प्रतियोगिता में देश के करीब सभी राज्यों से 48 टीमें चयनित हुई। जिसमें युवा प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने खेलों के माध्यम से अनुभव एवं महत्वपूर्ण शिक्षाओं को ग्रहण किया।

क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल चरण में हरियाणा के हिसार सहित राजस्थान के श्रीगंगानगर, उत्तर प्रदेश के आगरा और पंजाब के फाजिल्का चार राज्यों की टीमें चयनित की गई। अंतिम चरण की प्रतियोगिता में श्रीगंगानगर एवं फाजिल्का के बीच हुई। जिसमें श्रीगंगानगर टीम ने विजेता ट्रॉफी प्राप्त की। इस क्रिकेट टूर्नामेंट में मैन ऑफ द सीरिज का खिताब खिलाड़ी दीपक राजपूत आगरा को मिला। भ्रातृभाव अथवा जीवन के श्रेष्ठ गुणों का सुंदर स्वरूप क्रिकेट टूर्नामेंट के मैदान में दृश्यमान हुआ।

बता दें कि संपूर्ण क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के निर्देशानुसार संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंद्र सुखीजा के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि सभी खिलाड़ियों में किसी प्रकार की कोई प्रतिस्पर्धा, द्वेष एवं एक दूसरे को हतोत्साहित करने की संकीर्ण भावना नहीं दिखी, अपितु उनमें केवल आपसी सौहार्द्र एवं प्रेम ही देखने को मिला। सभी खिलाड़ियों ने खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। जिसके लिए उन्हें सर्टिफिकेट देकर सम्मानित भी किया गया। सायंकाल के समय सभी युवाओं के लिए प्रतिदिन सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य उन्हें शारिरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ उनमें आध्यात्मिक जागृति एवं मानसिक शांति को प्रदान करना था।

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विनर

टूर्नामेंट के समापन पर बतौर मुख्यातिथि संत निरंकारी मंडल के मेंबर इंचार्ज  राकेश मुटरेजा द्वारा विजेता टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी खेल के महत्व को समझें, न कि हार जीत की भावना में रहे। भक्ति की अवस्था ही हमारे जीवन को सहज बनाती है। हम परमात्मा का शुकराना करते हुए अपने लक्ष्य की ओर जब केन्द्रित होते हैं, तभी वास्तविक रूप में हम परिवार, समाज और दुनिया में एक सामंजस्य स्थापित कर पाते हैं। इस प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ियों ने अपनी सकारात्मक युवा ऊर्जा के साथ-साथ अनुशासन, मर्यादा एवं सहनशीलता का सुंदर परिचय प्रदर्शित किया, जिसकी वर्तमान समय में नितांत आवश्यकता भी है।

उन्होंने कहा कि आज जहां हर ओर एक मनुष्य दूसरे मनुष्य को केवल पीड़ा ही पहुंचा रहा है। उसका अहित करने में लगा हुआ है, ऐसे समय में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की दी गई सीख से प्रेरणा लेते हुए इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों द्वारा प्रेम एवं मिलवर्तन का एक ऐसा अदभुत उदाहरण प्रदर्शित किया गया, जो निश्चित रूप में प्रशंसनीय एवं सराहनीय है। इन खेलों का मूल उद्देश्य सभी में एकत्व, विश्वबन्धुत्व एवं आपसी भाईचारे की सुंदर भावना को स्थापित करना है, जो इस क्रिकेट टूर्नामेंट में सभी खिलाड़ियों द्वारा भली भांति प्रदर्शित किया गया।