पानीपत में लगातार बारिश की वजह से मौसम में हुए बदलाव से जहां गर्मी ,सर्दी, धूम और उमस के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था । वहीं मौसम में बार-बार परिवर्तन होने से आई फ्लू के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थय विभाग के लिए यह बड़ी परेशानी की बात है।
जिसको लेकर सिविल हॉस्पिटल की आई सर्जन डॉक्टर शालिनी मेहता का कहना है कि हमारी ओपीडी में 70 से 80% मरीज आई फ्लू के ही आ रहे हैं। जिनमें से कई मरीज तो ऐसे हैं जिनके पूरे परिवार आई फ्लू की चपेट में आ चुके हैं।
डॉ. शालिनी मेहता ने दी फ्लू से बचने की सलाह
आजकल मौसम नमी और बारिश वाला है जिसके कारण वायरस और बैक्टीरिया की ग्रोथ जल्दी होती है। डॉ. शालिनी मेहता का यह भी कहना है कि आई फ्लू देखने से नहीं बल्कि मरीज को छूने से होता है। वहीं उन्होंने इसको लेकर हाथों को बार-बार धोने साफ सफाई और डॉक्टरों की सलाह को प्राथमिकता दी है।
उनका कहना है कि जैसे ही आई फ्लू के लक्षण आप में नजर आते हैं आप तुरंत आई सर्जन को अपनी आंखें दिखाएं क्योंकि कई केसों में ऐसा भी देखने को मिला है आई फ्लू होने के बाद आंखें सूज जाती है । इसको लेकर लापरवाही ना बरतें।
आई फ्लू के लक्षण
कुछ सामान्य से लक्षणों से आई फ्लू की पहचान कर सकते हैं। कुछ खास बातों का पालन करके इससे जल्दी ही राहत पाई जा सकती है।
- आंखो का लाल होना
- आंखों से पानी बहना
- आंखों में सूजन
- पलकों का सूजना
- खुजली होना
- आंखों का लाल होना
- धुंधला दिखाई देना
आई फ्लू के उपचार
इसके अलावा भी इसके बहुत से लक्षण हो सकते हैं लेकिन इसके लिए डॉक्टरी सलाह जरूर लेनी चाहिए। अगर आपके घर और आसपास किसी को भी इस तरह की परेशानी है तो कुछ बातों को ध्यान में रखकर इसे फैलने से रोका जा सकता है।
- हाथों को अच्छी तरह धोएं
- तौलिया शेयर न करें
- तकिए का कवर रोजाना बदलें
- आंखों पर चश्मा लगाकर रखें
- बोरिक पाऊडर के पानी से आंखें साफ करें
- धूप में जाने से बचें
- डॉक्टर के बताएं निर्देशों का पालन करें

