In Panipat, a woman committed suicide by consuming sulphas tablets, she took this step due to domestic discord

Panipat में रक्षक ही बने भक्षक, FIR का डर दिखाकर मांगी हजारों की रिश्वत, मजबूर युवक ने की Suicide

पानीपत

Haryana के Panipat में पुलिस चौकी के सामने जहर पीकर सुसाइड करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को पानीपत के SP लोकेंद्र सिंह ने 8 मरला चौकी इंचार्ज सुशील और हेड कॉन्स्टेबल अभिमन्यु को सस्पेंड कर दिया। बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल पर आरोप है कि उसने युवक से रिश्वत मांगी थी। उसकी प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने जहर पी लिया। SP ने मामले की जांच मॉडल टाउन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश को सौंपी थी।

बता दें कि पैसों का बंदोबस्त न होने के चलते गुरमीत ने 26 दिसंबर को चौकी के बाहर जहर पी लिया। 31 दिसंबर को करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।

इस मामले में पुलिस ने दादा की शिकायत पर आरोपी पुलिसकर्मी समेत 3 के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। परिजनों ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी कर कोर्ट में पेश न करने तक पोस्टमॉर्टम करवाने व शव लेने से इनकार कर दिया है।

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गुरमीत के दादा ने बताया: 8 महीने पहले लिया था पुराना फोन, बेचने में आ रही थी दिक्कत

गुरमीत (24) के दादा मामन राम ने बताया कि गुरमीत तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और टयूबवैल मोटर मैकेनिक का काम करता था। उसने अपनी जिंदगी में पहली बार टच फोन लिया था, जो करीब 7 महीने पहले सेकेंड हैंड 4 हजार रुपये में खरीदी थी। दादा के मुताबिक, गुरमीत को अब इस फोन को बेचने में समस्या आ रही थी। अगर यह फोन बिक गया होता, तो वह अभिमन्यु को रिश्वत दे पाता।

जहर पीने से पहले दोस्त को भेजी थी ऑडियो क्लिप

गुरमीत के दादा ने बताया कि 26 दिसंबर को गुरमीत ने अपने दोस्त ललित को फोन किया और बताया कि उसने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वॉट्सऐप पर भेजी है। ऑडियो में वह पुलिसकर्मी की धमकी से परेशान होने की बात कह रहा था और इस कारण वह जहर पीने जा रहा था। दोस्त ने तुरंत चचेरे भाई सूरज को इस बारे में बताया, जिसके बाद गुरमीत ने सूरज को भी फोन किया और बताया कि उसने जहर पी लिया है और वह चौकी के बाहर पड़ा हुआ है।

क्या है पूरा मामला जानिए-

  1. रिश्वत की मांग का आरोप: मामन राम, बिंझौल गांव के निवासी, ने SP को शिकायत दी कि उसके पोते गुरमीत (24) का गांव के राजपाल से झगड़ा हुआ था। इस झगड़े में राजपाल को चोट लगी थी, जिसके बाद राजपाल ने 8 मरला चौकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। फिर समझौते के बाद 5 हजार रुपए दिए गए, लेकिन पुलिस ने गुरमीत पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और कहा कि मामले का निपटारा करने के लिए उसे 5 हजार रुपए और देने होंगे। पुलिस अधिकारियों ने गुरमीत को पैसे देने के लिए मजबूर किया।
  2. रिश्वत न देने पर जेल में डालने की धमकी: मामन ने बताया कि गुरमीत ने उधार लेकर 3 हजार रुपए हेड कॉन्स्टेबल अभिमन्यु और सुरेश को दिए, लेकिन 2 हजार रुपए की शेष राशि के लिए समय मांगा। अभिमन्यु ने उसे धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसे राजपाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद भी अभिमन्यु ने गुरमीत को फोन करके तंग करना जारी रखा और जेल में डालने की धमकियां देता रहा।
  3. चौकी में बुलाकर पीटने का आरोप: 25 दिसंबर को अभिमन्यु ने गुरमीत को चौकी में बुलाया, जहां उसे थप्पड़ और डंडों से पिटाई की गई और डराया गया कि उसे हवालात में डाल देंगे। पूरे दिन उसे चौकी में बैठाकर रखा गया। बाद में, राजपाल ने अभिमन्यु से शर्त लगाकर गुरमीत को छोड़वाया कि वह 2 हजार रुपए दे देगा। अगले दिन, गुरमीत ने अभिमन्यु से और समय मांगा, लेकिन वह फिर से धमकाया और कहा कि पैसे लेकर तुरंत आ जाए।
  4. पुलिस चौकी के बाहर जहर निगलने की घटना: गुरमीत ने पैसे न होने के कारण 8 मरला चौकी के बाहर जहर निगल लिया और अभिमन्यु से कहा कि उसे परेशान न किया जाए। अभिमन्यु ने फिर भी पैसे की मांग की और कहा कि यदि पैसे नहीं दिए तो उसे जेल में डाल देगा। इसके बाद गुरमीत ने जहर खा लिया। परिवार ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान 31 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।

यह पूरी घटना पुलिस के भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और अत्याचार की ओर इशारा करती है, जिसमें एक युवक की जान चली गई।

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