( सिटी तहलका के लिए समालखा से अशोक शर्मा की रिपोर्ट )
पानीपत इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। कई तरह के तकनीकी सेशन हुए। रिसर्च पेपर्स भी प्रस्तुत किए। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के डीन डॉ.दयानंद पांडेय ने शिरकत की।
जानिए डॉ.दयानंद पांडेय द्वारा बताए गए आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ
डॉ. दयानंद पांडेय पानीपत इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलोजी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे।
आत्मनिर्भरता से ही देश को विकसित बनाया जा सकता है। यह बात ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के डीन डॉ.दयानंद पांडेय ने कही। उन्होंने ये भी कहा कि हम सभी स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ाएं। जब तक अपने ही देश में निर्माण नहीं होगा, तब तक हम सभी को रोजगार नहीं दे सकेंगे।
साथ ही डीन डॉ.दयानंद ने बोला कि भारत एक उभरती और तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और अब इस अवसर का लाभ उठाने का समय आ गया है।
डॉ. दयानंद पांडेय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ हैं- अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा,प्रणाली,जीवंत जनसांख्यिकी और मांग।
सेमिनार का विषय
इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस एंड रिसर्च के सौजन्य से सेमिनार का विषय विजन ऑफ सेल्फ रिलायंस भारत : डॉलर 5 ट्रिलियन इकॉनमी था।
पाइट बोर्ड के सदस्य शुभम तायल, डायरेक्टर डॉ. जसबीर सिंह सैनी, बीबीए विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोहित गर्ग ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
डॉ. दयानंद पांडेय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ हैं- अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा,प्रणाली,जीवंत जनसांख्यिकी और मांग।
कार्यक्रम में हुए ये सेशन
कार्यक्रम में कई तरह के तकनीकी सेशन भी हुए और साथ ही रिसर्च पेपर्स भी प्रस्तुत किए गए।
सीआरए कॉलेज से डॉ.राजरूप चहल, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय से डॉ. कविता सिंह, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय से डॉ. रचना श्रीवास्तव सेशन चेयर रहें।
वाइस चेयरमैन राकेश तायल ने कहा कि रिसर्च से ही सब रचनात्मकता हो सकता है। अगर कुछ नया और आउट ऑफ द बॉक्स सोचेंगे, बनाएंगे, आम लोगों की मदद कर पाएंगे तो उत्पादकता निश्चित रूप से बढ़ेगी। इसी से भारत विकसित हो सकता है।