5 वर्ष पहले दर्ज हुए केस में अपने 2 साथियों की गिरफ्तारी दिलवाने के लिए वीरवार को नवीन जयहिंद सिटी थाना पहुंचे। जोगिंद्र और नवीन मलिक नाम के दोनों आरोपियों को नवीन लोहे की जंजीरों में जकड़ कर थाने लेकर पहुंचे।
जहां एसएचओ ने उनसे इस तरह लाए जाने के बारे में पूछा, तो नवीन ने कहा कि इतने पुराने केस में पुलिस उन्हें समन कर रही है, ये दोबारा न भाग जाए, इसलिए इस प्रकार से लेकर पहुंचा हूं। वहीं एसएचओ जाकिर हुसैन ने कहा कि दोनों को हिरासत में ले लिया है, दोनों को चैक किया जाएगा कि दोनों युवक मामले में आरोपी है या नहीं। चैक करने के बाद ही अगर आरोपी पाए जाते है, तो गिरफ्तारी डाली जाएगी।
बता दें कि वर्ष 2018 में कांवड़ यात्रा के दौरान 5 लोगों पर संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ था। जिसमें नवीन जयहिंद की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामला कोर्ट में चल रहा है। अन्य साथियों को पुलिस ने नोटिस दिए, इसके बाद गुरुवार को वे गिरफ्तारी देने पहुंचे हैं।
2018 में निकाली थी भाईचारा कांवड़ यात्रा
नवीन जयहिंद ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2018 में नशे के खिलाफ भाईचारा कांवड़ यात्रा निकाली थी। यह यात्रा रोहतक से हरिद्वार के लिए निकाली गई थी। जिसमें युवाओं ने भाग लिया था। यात्रा के समापन पर शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए आम आदमी पार्टी के समन्वयक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी रोहतक पहुंचे थे।
पुलिस ने संदेह पर ली थी गाड़ियों की तलाशी
यात्रा के दौरान पानीपत पुलिस ने गाड़ियों की जांच की। पुलिस ने इस संदेह पर तलाशी ली थी कि गाड़ियों में हथियार हो सकते हैं, लेकिन पुलिस को ऐसा कुछ नहीं मिला। गाड़ियों की जांच के बाद पुलिस ने आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। जिन्हें नवीन जयहिंद ने छुड़वा लिया था। इस दौरान नवीन जयहिंद और पुलिस के बीच अच्छा खासा विवाद हुआ था।
पुलिस अधीक्षक गाडी के दस्तावेज भी पेश कर चुके नवीन
इसके बाद पुलिस ने दावा किया कि कांवड़ यात्रा के काफिले में शामिल गाड़ी का नंबर फर्जी है। नवीन जयहिंद ने गाड़ी का नंबर ट्रांसफर करने समेत सभी दस्तावेज पानीपत के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश भी कर दिए थे, लेकिन पानीपत पुलिस ने नवीन जयहिंद समेत 5 अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं 186, 332, 353, 417, 420, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया था। नवीन जयहिंद को इसी मामले में पेश किया गया। जयहिंद का दावा है कि उस समय पुलिस अधीक्षक ने मामले को रफा-दफा भी कर दिया था।

