Panipat के बापौली कस्बे में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले 15 वर्षीय छात्र शोएब की करंट लगने से मौत हो गई। शोएब एक ट्यूबवेल पर लगी आग बुझाने के लिए गया था। उससे पहले परिजनों ने बिजली काटने के लिए निगम के लाइनमैन से संपर्क किया था, लेकिन लाइन बंद करने का झूठा भरोसा देकर उसे खतरे में डाल दिया गया।
घटना का विवरण
परिवार के मुखिया इंतजार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कैराना (शामली) के रहने वाले हैं और पिछले 7 वर्षों से पानीपत जिले के गांव नांगल खेड़ी में खेत में बने कमरे में रहकर खेती करते हैं।
12 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे पास ही के किसान महासिंह के ट्यूबवेल पर शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए उनके बड़े बेटे सोहेल ने बिजली विभाग के लाइनमैन रामनिवास को कॉल कर बिजली सप्लाई काटने की मांग की। लाइनमैन ने फोन पर कहा, “बिजली काट दी है, अब आग बुझा लो।”
लाइनमैन के इस आश्वासन के बाद शोएब आग बुझाने के लिए ट्यूबवेल के पास पहुंचा, लेकिन जैसे ही उसने पोल के पास लिपटी तार को छुआ, उसे जोरदार करंट लगा। बिजली की ताकत से वह वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई
बापौली थाना पुलिस ने आरोपी लाइनमैन रामनिवास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि सूचना देने के बावजूद बिजली लाइन को बंद नहीं किया गया, जिससे मासूम की जान चली गई।





