Max Hospital Shalimar Bagh

Joint से जुड़ी Problem के मरीजों को बड़ी राहत, Max Hospital Shalimar Bagh ने Panipat में लॉन्च की OPD सेवा

पानीपत

Panipat : जॉइंट(Joint) रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में हुई हालिया प्रगति के बारे में एवं जॉइंट से जुड़ी समस्याओं(Problem) के मरीजों को राहत देने के लिए लोगों को जागरूक करते हुए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग (Max Hospital Shalimar Bagh) के डॉक्टरों ने आज एक जनजागरूकता सत्र आयोजित किया। इस अवसर पर ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट की ओपीडी(OPD) सेवा भी शुरू की गई, जो पानीपत के मैक्स मैड मेड सेंटर में संचालित होगी।

मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में रोबोटिक्स जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड ऑर्थोपेडिक्स के डायरेक्टर डॉक्टर साइमन थॉमस अपनी टीम के साथ इस ओपीडी में उपलब्ध रहेंगे। उनकी टीम में मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर दिवेश गुलाटी और कंसल्टेंट डॉक्टर लक्ष्य गोयल हैं, जो डॉक्टर थॉमस के साथ ही मैक्स मेड सेंटर पानीपत में महीने के हर गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे प्राथमिक परामर्श के लिए उपलब्ध रहेंगे। इस ओपीडी लॉन्च का मकसद एडवांस जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स सेवाओं को पानीपत व आसपास के क्षेत्र के लोगों तक आसानी से पहुंचाना है। इस ओपीडी के जरिए स्थानीय लोगों को अपने ही इलाके में वर्ल्ड क्लास इलाज की सुविधा मुहैया होगी।

Max Hospital Shalimar Bagh - 2

ओपीडी लॉन्च के दौरान मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में रोबोटिक्स जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड ऑर्थोपेडिक्स के डायरेक्टर डॉक्टर साइमन थॉमस ने कहा कि टोटल जॉइंट रिप्लेसमेंट में सर्जरी के जरिए जॉइंट के खराब हिस्से को निकाला जाता है और उसकी जगह प्रोस्थेसिस को रिप्लेस किया जाता है, जिससे डैमेज जॉइंट के मूवमेंट में मदद मिलती है। हमारे पास पूर्ण रूप से एक्टिव रोबोट सिस्टम है, जिससे मरीज के घुटने का 3डी मॉडल मिलता है, इससे सर्जन बहुत ही सटीकता के साथ ऑपरेशन कर पाने में सक्षम रहते हैं।

Whatsapp Channel Join

मिनिमली इनवेसिव तकनीक से कम होगा टिशू ट्रॉमा

डॉक्टरों को रियल टाइम इमेजिंग मिलती है और सेंसर की मदद से डॉक्टर को सर्जरी के दौरान डॉक्टर को एडजस्टमेंट कर पाते हैं, जिससे मरीज की जरूरत के हिसाब से ऑप्टिमल फिट और अलाइनमेंट हो पाता है। इन मिनिमली इनवेसिव तकनीक से टिशू ट्रॉमा कम होता है, मरीज की तेजी से रिकवरी होती है, निशान कम रहते हैं और दर्द भी कम होता है। इसके अलावा रोबोट असिस्टेड सर्जरी की प्रक्रिया में जॉइंट मोशन का रियल टाइम फीडबैक मिलता है, मरीज की जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज्ड रिप्लेसमेंट प्लान किया जाता है, ताकि जॉइंट के फंक्शन को किया जा सके और मरीज की लाइफस्टाइल को ज्यादा एक्टिव किया जा सके और क्वालिटी ऑफ लाइफ में सुधार हो सके।

Max Hospital Shalimar Bagh  -3

टोटल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑफर

एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर दिवेश गुलाटी ने लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मरीज की जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी कब करानी चाहिए, ताकि उसका लाभ हो सके। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों के लक्षण गंभीर होते हैं और नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट जैसे फिजिकल थेरेपी, एक्टिविटी मॉडिफिकेशन और दवाओं का असर नहीं हो पाता, वैसे मरीजों को जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी जाती है। जोड़ों की समस्याओं से संबंधित लक्षणों में जोड़ों में दर्द, कठोरता, लिमिटेड गतिशीलता, सूजन, अस्थिरता, या गिरने, चोटों, दुर्घटनाओं या स्पोर्ट्स इंजरी के कारण पोस्ट-ट्रॉमेटिक गठिया शामिल हैं। गठिया के गंभीर मरीजों को टोटल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी ऑफर की जाती है, इस तकनीक से इलाज कराने पर मरीज को अस्पताल में कम वक्त तक रहना पड़ता है, रिकवरी तेजी से होती है और मरीज को संतुष्टि मिलती है।

मैक्स हेल्थ केयर के पास टेक्नोलॉजी

जोड़ों से संबंधित समस्याओं के समय पर डायग्नोज की इंपोर्टेंस बताते हुए मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट एंड ऑर्थोपेडिक्स के कंसल्टेंट डॉक्टर लक्ष्य गोयल ने कहा कि जोड़ों से जुड़ी समस्याओं की पहचान करके हम स्थिति बिगड़ने से रोक सकते हैं और भविष्य में होने डैमेज व अन्य कॉम्प्लिकेशन के रिस्क को कम कर सकते हैं। समय पर रोग के डायग्नोज से प्रॉपर ट्रीटमेंट किया जा सकता है, जिससे दर्द कम होता है, बीमारी में सुधार होता है और जॉइंट फंक्शन प्रिजर्व किया जाता है। डॉक्टर साइमन थॉमस ने आगे कहा कि रोबोटिक सर्जरी आने के बाद से जो अनुभव हमारे रहे हैं, वो काफी संतुष्ट करने वाले हैं। रोबोटिक सर्जरी होने के 2 दिन बाद ही मरीज घर जा सकता है और बिना किसी मदद के स्वतंत्र रूप से चल सकता है। मैक्स हेल्थ केयर के पास जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए स्टेट ऑफ आर्ट टेक्नोलॉजी है, स्पेशलाइज्ड मेडिकल टीम है और बेस्ट डायग्नोस्टिक अप्रोच है, जिसकी मदद से यहां मोस्ट एडवांस केस का भी इलाज किया जा सकता है।