SD PG College Panipat created new history

SD PG College पानीपत ने Kurukshetra विश्वविधालय महिला खो-खो में तीसरी बार Champion बन रचा नया इतिहास(History)

पानीपत

पानीपत, (आशु ठाकुर) : एसडी पीजी कॉलेज(SD PG College) पानीपत की टीम ने कुरुक्षेत्र(Kurukshetra) विश्वविधालय महिला खो-खो चैंपियनशिप(Champion) जीतकर न सिर्फ कॉलेज और जिले का मान बढाया, बल्कि इस कारनामे को लगातार तीसरी बार अंजाम देकर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय के इतिहास(History) में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

बता दें कि यह टूर्नामेंट कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र में 16-17 अप्रैल को सम्पन्न हुआ और जिसमें एसडी पीजी कॉलेज की टीम ने जोन और इंटरजोन की विजेता टीमों को सभी मैचों में पछाड़ते हुए महिला खो-खो की ओवरआल चैंपियनशिप पर कब्ज़ा किया और स्वर्ण पदक जीता। कॉलेज की महिला खो-खो टीम ने कप्तान मुकेश की अगुआई में अन्नू, सोनू, साक्षी, निशा, निकिता, मनीषा, ऋतु, लावन्या, शीतल, पूजा, सीमा, प्रीती, अंजू और मोनिका के शानदार खेल के बूते पर सभी मैचों में एकतरफा जीत हासिल कर के इस मुकाम को हासिल किया। एसडी पीजी कॉलेज की खो-खो टीम ने एसए जैन कॉलेज अम्बाला सिटी को 10-4 के अंतर से, चौधरी देवी लाल मेमोरियल कॉलेज सिवाह को 9-3 के अंतर से और आरकेएसडी कॉलेज कैथल की टीम को 10-3 के अंतर से पटखनी दी।

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विजेता छात्राओं का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा डॉ. सुशीला बेनीवाल, प्रो. रेखा, कोच अंकुश मलिक और ग्राउंड्समैन प्रताप ने किया। सबसे अधिक हर्ष का विषय यह रहा कि इस टीम के 7 खिलाड़ी नार्थ जोन मेडलिस्ट और राष्ट्रीय पदक विजेता है। इस अवसर पर कॉलेज स्टाफ सदस्य डॉ. एसके वर्मा, डॉ. मुकेश पुनिया, प्रो. सुशीला बेनीवाल, प्रो. रेखा मौजूद रहे।

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8 खो-खो चैंपियनशिप में कॉलेज का बढ़ाया मान

विदित रहे कि इस टीम की कप्तान अन्नू राष्ट्रीय स्तर की 8 खो-खो चैंपियनशिप्स में कॉलेज का मान बढ़ा चुकी है जिसमे 54वीं सीनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप भी शामिल है। अन्नू कॉलेज की बेस्ट एथलीट का खिताब भी जीत चुकी है। निशा और निकिता दोनों ने राष्ट्रीय खो-खो टूर्नामेंट्स में कई बार हिस्सा लेकर कॉलेज को मैडल दिलवाए है और दोनों ही छात्राएं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग लेकर कई मेडल्स हासिल कर चुकी है। इनके अलावा साक्षी, अंजलि, ऋतु, मनीषा, कोमल, पूजा, काफी, स्नेह और भतेरी ने भी चैंपियनशिप में शानदार खेल दिखाया।  

हर विद्यार्थी के लिए हर्ष का विषय : दिनेश गोयल

एसडी कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल ने कहा कि अन्नू, निशा, निकिता, साक्षी, अंजलि, ऋतु, मनीषा, कोमल, पूजा, काफी, स्नेह और भतेरी ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह हर विद्यार्थी के लिए गौरव और हर्ष का विषय है । इस जीत के पीछे इन सबकी लगन और कड़ी मेहनत का हाथ है। खेल सभी के जीवन में विशेष रुप से विद्यार्थियों के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । खेल गतिविधियों में शामिल होना हर व्यक्ति के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। खेल न केवल शारीरिक ताकत प्रदान करते है, बल्कि इनसे हम मानसिक रूप से भी शक्तिशाली और मजबूत बनते है।

कम उम्र में बड़े कारनामें : डॉ. अनुपम अरोड़ा

वहीं प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अन्नू, निशा, निकिता, साक्षी, अंजलि, ऋतु, मनीषा, कोमल, पूजा, काफी, स्नेह और भतेरी की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए कहा कि ऐसे खिलाडी बहुत कम होते है जो इतनी कम उम्र में बड़े कारनामे कर जाते है । इन सभी खिलाड़ियों की कामयाबी का सफर बहुत लम्बा है और यह अभी और भी बड़ा मुकाम हासिल करेंगी। खो-खो जैसे खेल द्वारा विद्यार्थी सामाजिक होना सीखते है और उनका भावात्मक विकास भी बढ़ता है। युवा जीवन में खेलों में भाग लेने से युवा टीम वर्क सीखते है और उनके मस्तिष्क का बेहतर विकास होता है। शारीरिक विकास के साथ-साथ मन का विकास भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

खो-खो एक भारतीय मैदानी खेल : डॉ. सुशीला बेनीवाल

शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने कहा कि खो-खो एक भारतीय मैदानी खेल है और जिसमे मैदान के दोनो ओर दो खम्भो के अतिरिक्त किसी अन्य साधन की जरूरत नहीं होती है । यह एक मनोरंजक स्वदेशी खेल है जो युवाओं में ओज और स्वस्थ संघर्षशील जोश भरता है। यह खेल पीछा करने वाले और प्रतिरक्षक दोनों से अत्यधिक तंदुरुस्ती, कौशल, गति और ऊर्जा की माँग करता है। अन्नू, निशा, निकिता, साक्षी, अंजलि, ऋतु, मनीषा, कोमल, पूजा, काफी, स्नेह और भतेरी ने कहा कि उनकी जीत का श्रेय उनके माता-पिता, एसडी कॉलेज प्रबंधकारिणी, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, प्रो सुशीला बेनीवाल और कोच अंकुश मलिक को जाता है।