भारतीय किसान मजदूर यूनियन के बैनर तले क्रांति दिवस के उपलक्ष्य में बास की अनाज मंडी में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत की अध्यक्षता बास गांव के बुजुर्ग रामचंद्र मोर ने की। महापंचायत में हजारों की संख्या में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, किसान व खाप संगठनों ने शामिल होकर देश व प्रदेश का भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
महापंचायत के आयोजन सुरेश कोथ ने प्रस्ताव पढ़ा और हिन्दू, मुस्लिम व सिख धर्म के लोगों ने प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने प्रदेश को जलाने की कोशिश की, लेकिन प्रदेश के बुद्धिजीवियों ने प्रदेश को जलने से बचा लिया। हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भीखमंगा कहते हैं, क्योंकि उन्होंने खुद कहा है कि मैने 35 साल तक भीख मांग कर खाया है। जो लोग यह कहते हैं कि हम मुसलमानों को गांवों में नहीं घुसने देंगे। हमारे मुसलमान भाई यहां पर मौजूद हैं, उन्हें रोकने वालों की हिम्मत है, तो यहां आकर इनको रोक के दिखाएं। महापंचायत इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
चंडीगढ़ में 22 को करेंगे मुख्यमंत्री का घेराव
महापंचायत के मुख्य मुद्दे थे कि उत्तर भारत में बाढ़ग्रस्त किसानों को मुआवजा, एमएसपी गारंटी कानून, नूंह में भाईचारे को कायम करवाना है और 22 अगस्त को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री घेराव के लिए जाएंगे। जिसमें किसानों की मुख्य मांगे बाढ़ से हुए नुकसान का 15 हजार से 50 हजार रुपये मुआवजा, दलित समाज के लोगो को घरों में नुकसान भरपाई के लिए 5 लाख रुपये, बाढ़ में जिनके पशु मारे गए हैं, उनको प्रति पशु एक लाख रुपया मुआवजा दिया जाए। जिसको लेकर नवंबर माह में एक बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा।
महाभारत और रामायण से सीखने की जरूरत
शाहिद नवादा ने कहा कि सभी बंदे भगवान के है, सभी को कर्मो का फल मिलता है। भारत में दो मुख्य लड़ाइयां महाभारत और रामायण से भी सीखने की जरूरत है और सभी को मिलकर चलने की जरूरत है। किसी भी आदमी को मारने का अधिकार नहीं है। दुनिया में जितनी भी कौम है, सभी भाई है और आपस में मदद करनी चाहिए। एक दूसरे से नफरत नही करनी चाहिए। जब पानी, आकाश, सूर्य एक है, तो हम सभी एक है। कारी मुस्लिम इमाम उचाना ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि भारत देश हिंदू, सिख, मुस्लिम और ईसाई से बना है और सभी ने देश के लिए बलिदान दिया है।
अंग्रेजो वाली फूट डालो राज करो की नीित अपना रही बीजेपी
नूंह में फूट डालने की कोशिश की, लोगों ने मंसूबे किए फेल
मंदीप नथवान ने कहा कि बीजेपी अंग्रेजों वाली फूट डालो राज करो की नीति अपनाकर राज करती है। लोगों को विकास के मुद्दे से हटाकर नूंह जैसी वारदातें करवाकर चुनाव जीतना चाहती है। हिसार में किसानों का बीमा क्लेम के लिए धरना चल रहा है। कामरेड इंद्रजीत ने कहा कि हमारा आंदोलन लूट और फूट के खिलाफ है। आपसी फूट से ऊपर उठकर यह आंदोलन लड़ना पड़ेगा । हमें सांप्रदायिकता और फूट के खिलाफ लड़ाई लड़नी है। 31 जुलाई को भी सरकार ने नूंह में फूट डालने की कोशिश की थी, लेकिन हरियाणा के लोगों ने सरकार के मंसूबे को फेल कर दिया।
निर्दोष लोगों के मकान तुड़वा रही सरकार
कारी मुस्लिम ने कहा कि हरियाणा में मेवात में जो घटना घटी है, किसानों और विभिन्न धर्मों के लोगो ने धार्मिक एकता को तोड़ने वाली ताकतों को दिखा दिया है कि हम जोड़ना जानते हैं। इस देश के लिए सभी धर्मो ने बलिदान दिया है, लेकिन अंग्रेजों का साथ देने वाले कुछ एक लोग नूंह जैसी वारदात करते हैं। नूंह वारदात में ना कोई हिंदू था और ना कोई मुस्लिम था। यह सरकार निर्दोष लोगों के मकान तुड़वा रही है, लेकिन दहशतगर्दों पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। दोषी खुलेआम घूम रहे हैं।
आरोप : नूंह का झगड़ा आरएसएस के लोगों ने करवाया
अमरजीत मोहड़ी ने कहा कि यह सरकार प्रत्येक को 15 लाख, किसानों को स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट का लागू करने जैसे वादे करके आए थे। नूंह का झगड़ा आरएसएस के लोगों ने करवाया है। आप लोगों ने समझदारी से काम लिया और आरएसएस के मंसूबों को नाकाम कर दिया है।
महापंचायत में यह प्रस्ताव किया पास
हम भारतवर्ष में हिंदू, मुस्लिम व सिख सभी भाई-भाई पंचायत में प्रस्ताव पास करते हैं कि किसी धार्मिक व जातीय दंगों में भाग नहीं लेंगे। मेवात में हुए दंगों में हम शांति बहाल करने का काम करेंगे। हम सरकार से मांग करते हैं कि सरकार इस मसले की निष्पक्ष जांच करें तथा मोनू मानेसर व बिट्टू बजरंगी जो दंगों के दोषी हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाए। समाज में दंगा भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण और वीडियो डालने वालो के खिलाफ तुरंत कार्यवाही कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। हम अपने देश व प्रदेश को इस प्रकार के दंगों में नहीं जलने देंगे।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन की मांगे
सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी कानून बने, किसानों और मजदूरों की कर्ज मुक्ति हो, किसान आंदोलन में दर्ज सभी मुकदमे वापिस हो तथा लखीमपुर खीरी के शहीद किसान को न्याय मिले, मनरेगा मजदूरों को 200 दिन के रोजगार की गारंटी हो, नुहं के संप्रदायिक दंगे की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

