साहब हाथ जोड़ती हूं, हमारा घर मत उजाड़ो… फिर भी नहीं माने अफसर और…

रेवाड़ी हरियाणा

केंद्र सरकार घुमन्तु जाति के गरीब परिवारों को उनके पुनर्वास के लिए घर बनाकर उनके उत्थान का दावा करती है। इस दावे की पोल खोलती है रेवाड़ी के एक गरीब परिवार की आपबीती।

रेवाड़ी जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत घर मे बीस वर्षों से रह रहे घुमन्तु जाति के गरीब परिवार का सारा सामान सड़क पर फेंककर उन्हें एक झटके में बेघर कर दिया है। अब यह गरीब परिवार अधिकारियों के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रहा है कि साहब हमपर रहम करो, हमारा घर मत उजाड़ो।

सबकुछ गंवाने के बाद पंचायत घर में मिला था सहारा

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रेवाड़ी के गांव बाहमड़ निवासी घुमन्तु जाति की छटंकी ने बताया कि वह गढ़िया लुहार हैं और लोहे के औजार बनाकर अपना गुजारा करती हैं। लगभग बीस वर्ष पूर्व कुछ अराजक तत्वों ने इनकी बैल गाड़ियां जला दी थी और उन्हें सड़क पर ला दिया था।

इसके बाद जिला प्रशासन ने गांव के पंचायत घर मे इन्हें रहने के लिए जगह दी। अब अचानक दो दिन पूर्व पुलिस प्रशासन इनके घर पहुंचा और बिना किसी नोटिस के इनके घर का सारा सामान बाहर फेंक दिया। साथ ही, उन्हें दोबारा यहां न आने की हिदायत दे डाली।

पीड़िता छटंकी का आरोप है कि जब इन्होंने इसका विरोध किया तो मौके पर उपस्थित गांव के सरपंच और एक पुलिस अधिकारी ने उनके साथ बदसूलकी भी की।

उधार पैसा लेकर कर रहे थे बेटे की शादी की तैयारी

पिछले दो दिन से यह परिवार भूखे-प्यासे अधिकारियों के चक्कर काट रहा है लेकिन, सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकिए मीडिया की दखलंदाजी के बाद पुलिस अधीक्षक ने दोषियों पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने पुलिस प्रशासन व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि छह जुलाई को बेटे की शादी है तब तक उन्हें रहने दिया जाए लेकिन, किसी ने इनकी बात नहीं सुनी।

घर के साथ उधार पैसे भी गंवाए

परिवार का आरोप है कि बेटे की शादी के लिये बीस हजार रुपये उधार लिए थे। घर का सामान बाहर फेंकते के दौरान व ह पैसे भी गुम हो गए हैं।

इस संदर्भ में हमने जिला विकास पंचायत अधिकारी से जानने का प्रयास किया कि आखिर किसके आदेश पर यह कार्यवाही की गई तो वह कैमरे के सामने कुछ बोलने की तैयार नहीं हुए और सॉरी-सॉरी कहते हुए चले गए।