पिछले साढ़े 9 वर्षो से बनने के इंतजार में हरियाणा कांग्रेस के संगठन की लिस्ट दिल्ली में तैयार की जा रही है। हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया को अब तक 60 प्रतिशत रिपोर्ट सेंट्रल कोऑर्डिनेटरों द्वारा सौंपी जा चुकी है। जिसमें सबसे अहम बात यह है कि जिलाध्यक्षों के नामों पर 2-2 लिस्टें बावरिया के पास पहुंची हैं।
पहली रिपोर्ट सेंट्रल कोऑर्डिनेटरों की है और दूसरी रिपोर्ट हरियाणा कांग्रेस कमेटी के ऑब्जर्वरों की है। 13 सितंबर तक सभी रिपोर्ट पार्टी प्रभारी के पास पहुंच जाएगी। जिसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी द्वारा विचार-विमर्श कर लिस्ट पर फैसला लिया जाएगा।
प्रदेश के सभी जिलों के 33 जिलाध्यक्षों के नामों का किया जाएगा ऐलान
हरियाणा संगठन को लेकर 13 सितंबर की शाम तक बावरिया को सभी रिपोर्ट मिल जाएंगी। इसके बाद वह 14 सितंबर को गुजरात के लिए रवाना हो जाएंगे। 16 सितंबर को हैदराबाद में वह सीडब्लयूसी की बैठक में शामिल होंगे। बैठक में वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर चर्चा करेंगे। प्रदेश के सभी 22 जिलों में 33 जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान किया जाना है।
केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही किया जाएगा फैसला
संगठन बनाने की इस कवायद में सबसे अहम बात यह है कि जिन जिलों में सहमति बन गई है, उनकी लिस्ट 20 सितंबर तक जारी होने का अनुमान है, लेकिन जिन जिलों में सहमति नहीं बन पाएगी, उनकी लिस्ट सहमति बनाने के लिए हाईकमान को भेज दी जाएगी। इसके बाद नामों पर केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा ही फैसला किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय नेतृत्व को बाबरिया हैदराबाद में ही लिस्ट सौंप दें।
स्थानीय नेताओं के हिसाब से कर पाता हूं काम
हरियाणा कांग्रेस संगठन को लेकर जिलों में हो रहे विरोध पर रणदीप सुरजेवाला, कुमारी सैलजा और किरण चौधरी को दीपक बावरिया ने दो टूक में कहा है कि वह जिन राज्यों में जाते हैं तो क्या वह स्थानीय नेताओं के हिसाब से काम कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मेरे किसी फैसले पर आपत्ति थी तो वह मुझसे मिल सकते थे, फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने जाते।
मेरे सामने भी समर्थकों ने की नारेबाजी
हरियाणा के पार्टी प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि मेरे सामने भी समर्थकों ने नारेबाजी की है। यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने बताया कि यह पार्टी के स्तर का मामला है, इसलिए किसी भी नेता के खिलाफ कोई भी नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब किसी के पक्ष में कोई फैसला नहीं होता है तो वह विरोध करता ही है।

